सुल्तानगंज-अगुवानी घाट पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और पुनर्निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। माननीय उच्च न्यायालय, पटना के 14 सितंबर 2023 को दिए गए निर्देशों के अनुपालन में, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड ने पियर-9 से पियर-13 तक के हिस्से में निर्माण कार्य की शुरुआत 6 जून 2025 से कर दी है।
पहुँच पथ निर्माण से हुई शुरुआत
पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मिहिर कुमार सिंह के अनुसार, परियोजना के पहले चरण में पहुँच पथ का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है, जिससे यातायात की सुगमता सुनिश्चित हो सके। इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए यह तय किया गया है कि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिले।
Composite Beam (Girders) के निर्माण की तैयारी
पुनर्निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और तकनीकी मजबूती को ध्यान में रखते हुए Composite Beam (Girders) का निर्माण स्वीकृत कार्यशाला में तय मानकों और डिज़ाइन के अनुसार शुरू किया जा रहा है। इसके लिए विशेष तकनीकी तैयारियां चल रही हैं, जिससे नए पुल का ढांचा मजबूत और दीर्घकालिक हो।
IIT Roorkee की तकनीकी सलाह के आधार पर नींव में सुधार
पुल की संरचना को सुरक्षित और भविष्य के लिहाज से टिकाऊ बनाने के लिए IIT रुड़की द्वारा प्राप्त तकनीकी सुझावों को अमल में लाया जा रहा है। इनके अनुसार, पियर-9 से पियर-13 के बीच की नींव (Well Foundation) में आवश्यक सुधार कार्य किए जा रहे हैं, जिससे संपूर्ण ढांचे की स्थिरता और सुरक्षा बढ़ाई जा सके।
18 माह में पूर्णता का लक्ष्य, स्पष्ट निर्देश जारी
श्री सिंह ने यह भी बताया कि पूरा कार्य — क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत से लेकर पहुँच पथ और शेष कार्यों की पूर्णता — अगले 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। पुल निर्माण निगम के अभियंताओं को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि कार्य न केवल समयसीमा में हो, बल्कि उसकी गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।
Project Implementation Unit (PIU) की स्थापना
पुनर्निर्माण कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एक मज़बूत Project Implementation Unit (PIU) गठित की गई है। इसमें अनुभवी Structural Engineers को नियुक्त किया गया है जो कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की निरंतर समीक्षा कर रहे हैं।
स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी
इस परियोजना में तकनीकी श्रेष्ठता बनाए रखने हेतु IIT और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र टीम समय-समय पर स्थल का निरीक्षण कर मार्गदर्शन दे रही है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर स्तर पर उच्च मानक का पालन हो।
मल्टी-लेवल मॉनिटरिंग: समय-समय पर समीक्षा और निरीक्षण
कार्य की सतत निगरानी और प्रगति को ट्रैक करने हेतु विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया है:
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष हर महीने परियोजना की समीक्षा करेंगे।
प्रबंध निदेशक द्विवार्षिक (हर 15 दिन) आधार पर साइट निरीक्षण करेंगे।
पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख (कार्य प्रबंधन) भी मासिक निरीक्षण करेंगे और विभागीय स्तर पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी।
Share






