मुजफ्फरपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बरियारपुर थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव में एक मां और उसके नौ वर्षीय बेटे की बिजली के करंट से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब घर में लगे बल्ब को जलाने की कोशिश के दौरान मासूम बच्चा करंट की चपेट में आ गया। अपने बेटे की चीख-पुकार सुनकर मां उसे बचाने दौड़ी, लेकिन वह भी बिजली के प्रवाह में आकर जिंदगी की जंग हार गई।
घटना का दर्दनाक सिलसिला
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह हादसा बुधवार देर शाम का है। मिलन राय की पत्नी पिंकी देवी (उम्र 30) और उनका बेटा हंसराज कुमार (उम्र 9) घर के एक कमरे में थे। हंसराज ने कमरे में लगे बल्ब को जलाने की कोशिश की, लेकिन वायरिंग में कुछ गड़बड़ी के कारण अचानक उसे करंट लग गया। जैसे ही वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा, मां पिंकी देवी घबराकर कमरे में दौड़ीं और बेटे को छुड़ाने लगीं।
बदकिस्मती से कमरे में मौजूद लोहे की चौखट में भी करंट प्रवाहित हो रहा था, और जैसे ही पिंकी देवी ने अपने बेटे को छुड़ाने की कोशिश की, वह भी करंट की चपेट में आ गईं। कुछ ही पलों में दोनों ने दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक हादसे से पूरा गांव स्तब्ध रह गया और हर आंख नम हो गई।
गांव में पसरा मातम, घरवालों का रो-रो कर बुरा हाल
घटना की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए। लोग यह विश्वास ही नहीं कर पा रहे थे कि एक छोटा-सा बल्ब जलाने की कोशिश दो जिंदगियों को लील लेगा। गांव के लोग बताते हैं कि यह परिवार बेहद साधारण जीवन जीता था और किसी से कोई दुश्मनी या विवाद भी नहीं था।
परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल है। रिश्तेदारों और गांववालों की आंखों में आंसू और चेहरों पर दुख साफ देखा जा सकता है। बच्चे की मौत से गांव का हर व्यक्ति दुखी है, वहीं मां की ममता में की गई यह कुर्बानी सबको झकझोर रही है।
पुलिस ने लिया घटनास्थल का जायजा, पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
घटना की सूचना मिलते ही बरियारपुर थाना की एसएचओ चांदनी कुमारी सांवरिया पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने दोनों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
एसएचओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह एक दुर्घटनावश हुई घटना प्रतीत हो रही है। फिर भी पूरी जांच की जा रही है कि बिजली का करंट कैसे कमरे में फैला और क्या यह लापरवाही का नतीजा था।
जरूरत है बिजली सुरक्षा के प्रति सजगता की
यह हादसा एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि बिजली के उपकरणों और वायरिंग की समय-समय पर जांच कितनी जरूरी है। मामूली लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। बच्चों को बिजली उपकरणों से दूर रखने की जरूरत है, और बड़े-बुजुर्गों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि घर की वायरिंग सुरक्षित हो।
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