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  • पटना। बिहार सरकार ने "हर खेत तक सिंचाई का पानी" कार्यक्रम के तहत जल संसाधन विभाग के माध्यम से किसानों को आधुनिक और प्रभावी सिंचाई सुविधाएँ प्रदान करने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। सात निश्चय-2 योजना के अंतर्गत सरकार ने 604 योजनाओं के माध्यम से 1.19 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसमें से 597 योजनाएँ पूरी हो चुकी हैं, जिससे 1.18 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई का लाभ मिल चुका है।
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  • इसी क्रम में 774 अतिरिक्त योजनाओं का चयन भी किया गया, जिनसे 5.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा देने का लक्ष्य रखा गया था। अब तक 710 योजनाएँ पूरी हो चुकी हैं, जिससे 4.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित हो चुका है। इस तरह, कुल 1307 योजनाओं को पूरा कर 5.80 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा दी गई है। यह बिहार में कृषि क्षेत्र के विकास की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
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  • सात निश्चय-2: ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ योजना की प्रमुख उपलब्धियां
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  • 597 योजनाओं से 1.18 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा
    710 योजनाओं से 4.62 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित
    1307 योजनाओं के माध्यम से कुल 5.80 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई का विस्तार
    जल संसाधन विभाग द्वारा नहरों और जलाशयों का पुनरुद्धार
  • नदी जल का बेहतर प्रबंधन कर सिंचाई क्षमता को सुदृढ़ किया गया
  • इस उपलब्धि ने बिहार को आधुनिक और सतत सिंचाई प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है।
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  • जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित प्रमुख योजनाएं
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  • संयुक्त तकनीकी सर्वेक्षण आधारित योजनाएँ
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  • 604 योजनाओं का लक्ष्य रखा गया था
    597 योजनाएँ पूरी हुईं, जिससे 1.18 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हुई
    शेष योजनाएँ क्रियान्वयन की प्रक्रिया में हैं
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  • अतिरिक्त 774 योजनाएँ
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  • 774 अतिरिक्त योजनाओं को चयनित किया गया
    710 योजनाएँ पूरी हुईं, जिससे 4.62 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिली
    शेष योजनाएँ तेजी से प्रगति पर हैं
  • राज्य सरकार ने इन योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए किसानों को सिंचाई सुविधा देने का कार्य निरंतर जारी रखा है।
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  • नदी जल प्रबंधन और सिंचाई क्षमता में वृद्धि
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  • बिहार में जल संसाधन विभाग द्वारा नदियों के जल का बेहतर प्रबंधन करते हुए सिंचाई क्षमता को सुदृढ़ किया जा रहा है।
  • पुरानी नहरों और जलाशयों का पुनरुद्धार किया जा रहा है।
    आधुनिक जल संरक्षण तकनीकों को अपनाया जा रहा है।
    सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली (ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकलर) को बढ़ावा दिया जा रहा है।
    सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई पंपों का उपयोग बढ़ाया गया है।
    नदी जल को संग्रहित कर उसे उपयोगी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
  • इन प्रयासों के कारण बिहार में कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ जल की बचत भी सुनिश्चित हो रही है।
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  • "हर खेत तक सिंचाई का पानी" योजना से किसानों को क्या लाभ हुआ?
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  • कृषि उत्पादन में वृद्धि: पर्याप्त पानी मिलने से फसलों की पैदावार बढ़ी।
    कृषि पर निर्भरता: किसान अब सूखा या जलभराव जैसी समस्याओं से सुरक्षित हैं।
    आर्थिक सुधार: बेहतर सिंचाई सुविधा से किसानों की आय में वृद्धि हुई।
  • कृषि क्षेत्र का आधुनिकीकरण: किसानों को नई तकनीकों और आधुनिक सिंचाई प्रणालियों की जानकारी दी गई।
  • इस योजना से बिहार के लाखों किसानों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
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  • जल संसाधन विभाग द्वारा भविष्य की योजनाएं
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  • नदी जोड़ परियोजनाओं के माध्यम से जल स्रोतों का अधिकतम उपयोग।
    सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई योजनाओं का विस्तार।
    ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक जल निकासी प्रणाली का विकास।
  • जल संसाधन विभाग किसानों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।