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  • पटना: पटना जिले में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को राहत देने के लिए "हिट एंड रन योजना" एक अहम सहारा बनकर उभरी है। यह योजना वर्ष 2022 में लागू की गई थी और तब से लेकर अब तक सैकड़ों पीड़ितों के परिवारों को इससे आर्थिक सहायता मिल चुकी है। पटना जिला, इस योजना के क्रियान्वयन में राज्य में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
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  • 2022 से अब तक 4,102 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज
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  • पटना जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2022 से 4 जून 2025 तक जिले में कुल 4,102 सड़क हादसे दर्ज किए गए। इनमें से 2,223 मामले हिट एंड रन और 1,879 मामले नॉन-हिट एंड रन श्रेणी में आते हैं।
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  • हिट एंड रन के तहत उन मामलों को शामिल किया जाता है जिनमें दुर्घटना करने वाला वाहन चालक मौके से भाग जाता है और उसकी पहचान नहीं हो पाती। ऐसे मामलों में पीड़ितों या मृतकों के आश्रितों को सरकार द्वारा मुआवजा दिया जाता है।
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  • अब तक 631 आवेदन, 414 परिवारों को मिला मुआवजा
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  • जिले में पिछले तीन वर्षों में 631 आवेदन हिट एंड रन योजना के अंतर्गत प्राप्त हुए। इनमें से 414 मृतकों के परिजनों को कुल ₹8.28 करोड़ और 15 गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को ₹7.50 लाख का भुगतान किया जा चुका है।
  • इस योजना के अंतर्गत:
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  • मृतक के परिजनों को ₹2 लाख तक की सहायता दी जाती है।
  • गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को ₹50,000 तक की सहायता मिलती है।
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  • डीटीओ ने की जागरूक रहने की अपील
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  • पटना डीटीओ उपेंद्र कुमार पाल ने लोगों से अपील की कि वे इस योजना के बारे में जागरूक रहें और यदि कोई हादसा होता है, तो समय रहते योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि अक्सर दुर्घटनाओं में ऐसा होता है कि पीड़ित को टक्कर मारने वाली गाड़ी की पहचान नहीं हो पाती। ऐसे में यह योजना पीड़ित परिवारों के लिए एक संवेदनशील और कारगर व्यवस्था है।
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  • डीटीओ ने कहा कि 1 अप्रैल 2022 के बाद हुई दुर्घटनाओं में पीड़ितों के आश्रित परिवहन विभाग में आवेदन कर मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया को सहज और सुगम रखा गया है ताकि जरूरतमंदों को बिना किसी बाधा के सहायता मिल सके।
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  • जब पहचान नहीं होती, तब क्या करें?
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  • परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि सड़क दुर्घटना में दोषी वाहन या चालक की पहचान नहीं हो पाती, तो ऐसे मामलों में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) में भी आवेदन किया जा सकता है। यह प्रक्रिया हिट एंड रन योजना से अलग होती है, लेकिन दोनों का उद्देश्य पीड़ितों को न्याय और राहत देना है।
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  • हिट एंड रन योजना में आवेदन कैसे करें?
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  • हिट एंड रन मामले में मुआवजे के लिए आवेदन करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ और प्रक्रिया आवश्यक है:
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  • आवेदन प्रक्रिया:
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  • ऑनलाइन आवेदन: परिवहन विभाग के पोर्टल पर आवेदन करें।
  • डीटीओ कार्यालय में आवेदन जमा करें।
  • परिवारिक सूची संलग्न करें (शादीशुदा दंपत्ति के मामले में आवश्यक नहीं)।
  • एफआईआर की प्रति (First Information Report) लगाएं।
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट संलग्न करें (यदि मृतक की स्थिति हो)।
  • मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र (फोटोकॉपी)।
  • मृतक और आश्रित का आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक की छायाप्रति – जिससे सीधे भुगतान किया जा सके।
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  • सड़क सुरक्षा में अहम कदम
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  • हिट एंड रन योजना न केवल पीड़ितों को राहत पहुंचाने में मददगार है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता को भी दर्शाती है। यह योजना उन हजारों परिवारों के लिए सहारा बन चुकी है जो दुर्घटनाओं के बाद न्याय और सहायता की उम्मीद में भटकते रहे हैं।
  • परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस योजना को और अधिक सरल और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाएगा, जिससे पीड़ितों को जल्द से जल्द मुआवजा मिल सके और किसी को भी अनावश्यक प्रक्रिया में अटकना न पड़े।