गया, बिहार। लगातार हो रही बारिश और फल्गु नदी के उफान ने गया जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है। बाढ़ के हालात का जायजा लेने पहुंचे बोधगया अंचल अधिकारी (सीओ) महेश कुमार को भी इस आपदा का प्रत्यक्ष अनुभव हो गया, जब उनका वाहन बसराड़ी गांव के कच्चे रास्ते में कीचड़ में फंस गया।
यह घटना गुरुवार को उस समय हुई जब सीओ बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करके वापस लौट रहे थे। बारिश से गीले और फिसलनभरे रास्ते में वाहन कीचड़ में बुरी तरह धंस गया, जिसे निकालने के ड्राइवर के तमाम प्रयास असफल रहे।
ग्रामीणों ने बढ़ाया मदद का हाथ, अधिकारी रहे वाहन में मौजूद
स्थिति बिगड़ती देख गांव के स्थानीय लोग सहायता के लिए आगे आए। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने वाहन को धक्का देकर बाहर निकाला, तब जाकर अंचल अधिकारी आगे की यात्रा पर रवाना हो सके। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान अधिकारी गाड़ी के अंदर ही बैठे रहे, लेकिन वाहन बाहर आने के बाद उन्होंने ग्रामीणों का आभार प्रकट किया और राहत कार्यों में सहयोग की अपील की।
फल्गु और निरंजना नदियों का बढ़ा जलस्तर, कई गांवों में घुसा पानी
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार रात से लगातार हो रही मूसलधार बारिश के कारण गया जिले की फल्गु और निरंजना नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। बाढ़ की चपेट में आकर बोधगया, शेरघाटी और बाराचट्टी प्रखंड के कई गांवों में नदी और नहर का पानी घरों तक पहुंच गया है।
कई गृहस्थों के घरों में पानी भर गया है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, और कई परिवार अस्थायी शरण स्थलों पर शिफ्ट हो गए हैं।
जिला प्रशासन सक्रिय, अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण
गया के जिलाधिकारी (डीएम), सदर एसडीओ और बोधगया सीओ ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात का निरीक्षण किया। प्रशासन की ओर से राहत व बचाव कार्यों में तेजी लाई गई है। जैसे-जैसे बारिश का प्रकोप थम रहा है, गांवों से पानी धीरे-धीरे निकलने लगा है, लेकिन खेत, बगीचे और सड़कें अभी भी जलमग्न हैं।
जो ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे, वे अब धीरे-धीरे अपने घर लौटने लगे हैं। प्रशासन ने न सिर्फ राहत शिविरों की व्यवस्था की है, बल्कि जलजमाव से निपटने के लिए पंप सेट और अस्थायी जल निकासी योजनाएं भी शुरू कर दी हैं।
बाढ़ से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत शुरू
जिला प्रशासन ने बाढ़ से टूटी सड़कों, क्षतिग्रस्त पुलों और पुलियाओं की मरम्मत का कार्य प्रारंभ कर दिया है। साथ ही, अस्थायी रास्तों और वैकल्पिक मार्गों का निर्माण भी किया जा रहा है ताकि लोगों की आवाजाही में कोई बाधा न आए।
रेल यातायात पर भी पड़ा असर, कई ट्रेनें घंटों लेट
भारी बारिश का असर रेल सेवाओं पर भी देखने को मिला। गया-हावड़ा रेलखंड के बंसीनाला हॉल्ट के पास पहाड़ से मिट्टी और पत्थर खिसककर रेलवे ट्रैक पर आ गिरे, जिससे दर्जनों ट्रेनें करीब छह घंटे तक विलंबित रहीं। रेलवे प्रशासन ने ट्रैक की सफाई कर यातायात बहाल किया, लेकिन इससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
बाढ़ और बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, लेकिन प्रशासन सतर्क
गया में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में तो है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है, और आम लोगों से अपील की जा रही है कि वे सतर्क रहें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।
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