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पटना। अपराध अनुसंधान विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला के द्वितीय सत्र में बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराध पर पूर्ण नियंत्रण आवश्यक है और इसके लिए किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

संवेदनशीलता और सक्रियता पर ज़ोर

इस कार्यशाला में अपर पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उपाधीक्षक स्तर के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए विनय कुमार ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बिहार पुलिस को सभी आवश्यक संसाधन—मानव बल, वाहन और तकनीकी साधन—प्रचुर मात्रा में उपलब्ध कराए जा चुके हैं। अब आवश्यकता इस बात की है कि सभी पुलिस पदाधिकारी पूर्ण सतर्कता और सक्रियता के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में कार्य करें।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गंभीर आपराधिक मामलों में त्वरित जांच होनी चाहिए और अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने की प्रक्रिया तेज की जाए। जनता का पुलिस पर विश्वास तभी बहाल हो सकता है जब अपराधियों को सजा मिलती दिखाई दे।

लापरवाही करने वाले अधिकारियों की होगी पहचान

कुमार ने अपने वक्तव्य में कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जिन अधिकारियों द्वारा कार्यों में शिथिलता बरती जा रही है, उनकी पहचान की जा रही है। ऐसे अधिकारियों पर जल्द ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अपराध नियंत्रण जैसे गंभीर विषय पर लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध अनुसंधान विभाग) पारसनाथ और पुलिस महानिरीक्षक (अपराध अनुसंधान विभाग) दलजीत सिंह भी उपस्थित रहे। इन वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यशाला को और अधिक प्रभावशाली बना दिया।