- बिहार में मतदाता सूचियों की विशेष गहन समीक्षा (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया ज़ोरों पर है। इस अहम अभियान का मकसद राज्य की मतदाता सूचियों को पूरी तरह अद्यतन और सटीक बनाना है, लेकिन फिलहाल यह लक्ष्य पूरी तरह नहीं सध पाया है। मतदाता गणना फॉर्म जमा कराने की अंतिम तारीख नजदीक है और अब भी लगभग 5.2% मतदाताओं ने अपना फॉर्म नहीं भरा है।
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- अब तक केवल 5.2% मतदाता पीछे, बाकी प्रक्रिया पूरी
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- बिहार में कुल 7.89 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें से अब तक 94.68 प्रतिशत यानी 7.11 करोड़ से ज्यादा लोगों ने अपने गणना प्रपत्र भरकर चुनाव आयोग को सौंप दिए हैं। हालांकि, शेष बचे 41 लाख से अधिक मतदाताओं ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन बचे हुए मतदाताओं की सूची अब राजनीतिक दलों के साथ साझा की जा रही है ताकि इनके निर्वाचन संबंधी स्थिति की समय रहते पुष्टि की जा सके।
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- राजनीतिक दलों के माध्यम से भी हो रही पुष्टि
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- चुनाव आयोग ने यह सूचियाँ राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों और बूथ स्तर के एजेंटों को भेजनी शुरू कर दी हैं। इसका मकसद है कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची से बाहर न हो। आयोग ने दोहराया है कि हर पात्र नागरिक को वोट देने का पूरा अधिकार मिलेगा और किसी को भी सूची से जानबूझकर हटाया नहीं जाएगा।
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- 25 जुलाई है अंतिम तारीख
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- एसआईआर की शुरुआत 24 जून को हुई थी और इस प्रक्रिया की समीक्षा 25 जुलाई तक पूरी होनी है। ऐसे में अब शेष मतदाताओं को जल्द से जल्द फॉर्म भरकर अपना नाम और विवरण पुख्ता कराना होगा।
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- डिजिटलाइजेशन में तेजी, 86.69% काम पूरा
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- अब तक प्राप्त 7.11 करोड़ फॉर्म में से 6.85 करोड़ यानी 86.69% प्रपत्रों का डिजिटलाइजेशन पूरा कर लिया गया है। इसका मतलब यह है कि मतदाताओं की जानकारी अब इलेक्ट्रॉनिक रूप में भी रिकॉर्ड की जा रही है जिससे आने वाले चुनावों में पारदर्शिता और सुगमता बनी रहेगी।
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- पता बदलने और मृत्यु के मामले भी सामने आए
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- गहन समीक्षा के दौरान आयोग ने कुछ अहम आंकड़े भी सामने रखे हैं:
- 36.86 लाख मतदाता ऐसे पाए गए जो अपने पते पर मौजूद नहीं थे (4.67%).
- 12.71 लाख मतदाताओं की संभावित मृत्यु की पुष्टि हुई है (1.61%).
- 18.16 लाख मतदाताओं ने स्थायी रूप से अपने आवास बदले हैं (2.3%).
- 5.92 लाख मतदाता ऐसे हैं जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं (0.75%).
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- आयोग की अपील: जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करें
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- चुनाव आयोग ने सभी बचे हुए मतदाताओं से अपील की है कि वे तय समय-सीमा के भीतर अपना गणना फॉर्म भरें और अगर कोई गलती है तो उसे सुधरवाएं। यह केवल चुनावी भागीदारी का विषय नहीं, बल्कि लोकतंत्र में भागीदारी का प्रमाण है।
- बिहार में मतदाता सूची की समीक्षा अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। करोड़ों लोगों ने इसमें हिस्सा लिया है, लेकिन जो कुछ प्रतिशत लोग अब भी पीछे हैं, उनके लिए 25 जुलाई से पहले फॉर्म भरना बेहद जरूरी है। आयोग की इस मुहिम का मकसद एक निष्पक्ष और अद्यतन मतदाता सूची तैयार करना है, ताकि कोई भी योग्य नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए।