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  • पटना। बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं, और इसी सिलसिले में नई मतदाता सूची (Voter List) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की रिपोर्ट के अनुसार, 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित होने वाली नई वोटर लिस्ट से पहले 6.99 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने अपने फॉर्म जमा कर दिए हैं, जो कि कुल पंजीकृत मतदाताओं का 88.65% हिस्सा है।
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  • इसमें से लगभग 6.47 करोड़ आवेदन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सफलतापूर्वक अपलोड हो चुके हैं, जो कि कुल आंकड़े का 81.96% है। हालांकि, अब भी लगभग 54 लाख ऐसे मतदाता हैं जिन्होंने अब तक फॉर्म नहीं भरा है, जिससे चुनाव आयोग की चिंता बढ़ गई है।
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  • बीएलओ की जांच में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
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  • चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) ने तीन चरणों में घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन अभियान चलाया। इस व्यापक जांच में सामने आया कि करीब 35.7 लाख मतदाता अपने दिए गए पते पर उपलब्ध नहीं थे।
  • इनमें:
  • 12.55 लाख लोगों के मृत होने की संभावना जताई गई है,
  • 17.37 लाख लोग स्थायी रूप से राज्य से बाहर स्थानांतरित हो चुके हैं,
  • और 5.76 लाख मतदाताओं के नाम दो या अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए हैं।
  • ये आंकड़े चुनाव आयोग के लिए बेहद अहम हैं, क्योंकि इससे मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ी जानकारी मिली है।
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  • राजनीतिक दलों को भी शामिल कर रही है चुनाव आयोग
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  • चुनाव आयोग इस बार की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी व सर्वसमावेशी बनाने के लिए राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। आयोग 18 जुलाई से राज्य के सभी जिलों में विभिन्न दलों के जिला अध्यक्षों और 1.5 लाख बूथ स्तर एजेंटों के साथ संदिग्ध मतदाताओं की जानकारी साझा करेगा।
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  • इस सहयोग से राजनीतिक दल 25 जुलाई तक इन मामलों की स्थिति स्पष्ट कर सकेंगे और किसी भी गड़बड़ी को समय रहते ठीक किया जा सकेगा। जो मतदाता BLO द्वारा तीन बार विजिट के बावजूद अनुपलब्ध रहे, उनके लिए अलग सत्यापन अभियान चलाया जाएगा।
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  • शहरी क्षेत्रों में जागरूकता के लिए विशेष शिविर
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  • शहरी मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से आयोग ने राज्य के 261 नगर निकायों के 5683 वार्डों में विशेष कैंप आयोजित करने का फैसला लिया है। इन कैंपों में मतदाता अपने रिकॉर्ड को अपडेट करवा सकेंगे, डुप्लिकेट एंट्रीज की जानकारी दे सकेंगे और किसी भी प्रकार की त्रुटियों को सुधारवा सकेंगे।
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  • चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं की जानकारी सीधे राजनीतिक दलों से साझा की जाएगी ताकि क्रॉस-चेकिंग की जा सके और सूची को साफ-सुथरा बनाया जा सके।
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  • अक्टूबर-नवंबर में संभावित चुनाव, तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार
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  • हालांकि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की आधिकारिक तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन संकेत हैं कि चुनाव अक्टूबर-नवंबर के बीच आयोजित हो सकते हैं। इस लिहाज से वोटर लिस्ट को समय रहते अपडेट करना और निष्कलंक बनाना बेहद जरूरी है।
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  • चुनाव आयोग की यह सक्रियता यह संकेत देती है कि वह मतदाता सूची में पारदर्शिता और शुद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है, ताकि किसी भी तरह की फर्जी वोटिंग या चुनावी गड़बड़ी की गुंजाइश न रह जाए।