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पटना। पटना से एक नई शुरुआत की गई है, जो न केवल बिहार के कृषि क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचाने वाली है, बल्कि राज्य के किसानों के सपनों को भी पंख देने वाली है। सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने बुधवार को दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान परिसर से दुबई के लिए सब्जियों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह शिपमेंट बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन फेडरेशन (वेजफेड) के सहयोग से भेजा गया है।

पहली खेप में 1500 किलोग्राम सब्जियां, 10 प्रकार की वैरायटी

डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि इस पहली परीक्षण खेप में लगभग 1500 किलोग्राम सब्जियां शामिल हैं, जिसमें कटहल, फूलगोभी, करेला, लौकी सहित कुल 10 प्रकार की ताजी हरी सब्जियां शामिल हैं। ये सब्जियां पूरी तरह से जैविक पद्धति से उगाई गई हैं और इनकी पैकेजिंग अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप की गई है। मंत्री ने कहा कि “हर थाली में बिहारी तरकारी” का जो सपना राज्य सरकार ने देखा था, उसकी दिशा में यह पहला ठोस कदम है।

संघों के समन्वित प्रयास से साकार हुई पहल

इस निर्यात अभियान में पटना का हरित सब्जी संघ, मोतिहारी का तिरहुत सब्जी संघ, दरभंगा का मिथिला सब्जी संघ और गया का मगध सब्जी संघ शामिल रहा। इन सभी संघों ने मिलकर गुणवत्तापूर्ण सब्जियों का उत्पादन और संग्रहण किया, जिसे वेजफेड के माध्यम से निर्यात के लिए तैयार किया गया। यह खेप सड़क मार्ग से पटना से वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचाई जा रही है, जहां से इसे हवाई मार्ग से दुबई भेजा जाएगा।

लुलु माल के लिए किया गया है यह विशेष शिपमेंट

इस सब्जी खेप को दुबई के मशहूर लुलु मॉल में बिक्री के लिए भेजा गया है। यह मॉल मध्य-पूर्व एशिया में एक प्रतिष्ठित नाम है, जहां गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जाती है। शिपमेंट को फेयर एक्सपोर्टर्स लिमिटेड के माध्यम से भेजा गया है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार में एक अनुभवी और विश्वसनीय संस्थान माना जाता है। मंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि यह परीक्षण शिपमेंट भले ही छोटा है, लेकिन यह राज्य की कृषि संभावनाओं और किसानों की मेहनत का बड़ा प्रमाण है।

बिहार के किसानों के लिए खुले वैश्विक बाजार के द्वार

यह पहल किसानों के लिए एक नया रास्ता खोलने जा रही है। अब बिहार के किसान अपनी फसलों को सिर्फ स्थानीय मंडियों तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का भी अवसर मिलेगा। यह न केवल उन्हें अधिक मुनाफा देगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर पहचान भी बनाएगा। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में सब्जियों के निर्यात की यह प्रक्रिया नियमित की जाएगी और राज्य के कृषि उत्पादों को वैश्विक ब्रांड में तब्दील किया जाएगा।