बिहार में अब क्रिमिनल्स की काली कमाई भी उनका बचाव नहीं कर पाएगी। अपनी काली कमाई के दम पर अपराधी बचने के लिए तमाम हथकंडे अपनाते हैं। अब बिहार पुलिस मुख्यालय ने अपराधियों की इन्हीं काली कमाई को जब्त करेगी। इस काम में पुलिस का हथियार बनी है भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-107।
पुलिस की नजर अपराधियों की संपत्ति पर
DGP विनय कुमार के अनुसार, अब पुलिस की नजर अपराधियों की संपत्ति पर रहेगी। बिना देरी कि अपराधियों की अवैध संपत्तियों को जब्त किया जाएगा। ताकि कोई भी अपराधी पैसे के बल पर कानून को चकमा न दे सके।
1249 थानों में 1172 अपराधी चिन्हित, कार्रवाई शुरू
राज्य के 1249 थानों से जुटाई गई जानकारी के अनुसार, अब तक 1172 पेशेवर अपराधियों की पहचान की जा चुकी है, जिनकी संपत्ति अवैध रूप से अर्जित की गई है। इनमें से 239 मामलों में अनुमंडल पुलिस अधिकारियों (DSP रैंक) को आवश्यक प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। अब तक 188 मामलों में न्यायालय में संपत्ति जब्ती के प्रस्ताव दायर कर दिए गए हैं, और आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से जारी है।
अब ईडी नहीं, पुलिस अफसर करेंगे जब्ती की पहल
DGP के अनुसार, पहले इस तरह की कार्रवाई के लिए ED पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन उनकी व्यस्तताओं के कारण कई बार कार्रवाई में देर होती थी। लेकिन BNSS के लागू होने के बाद, अब DSP स्तर के अधिकारियों को अधिकार दे दिए गए हैं कि वे कोर्ट में सीधे जब्ती का प्रस्ताव पेश कर सकें।
100 फास्ट ट्रैक कोर्ट्स से मिलेगा तेजी से न्याय
DGP विनय कुमार ने कहा कि अपराधियों को जल्द सज़ा दिलाने और पीड़ितों को न्याय देने के लिए राज्य भर में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट्स की स्थापना की जा रही है। ये कोर्ट न सिर्फ अपराधियों के खिलाफ मामलों को तेजी से निपटाएंगे, बल्कि निर्दोष लोगों को भी राहत देंगे जो वर्षों तक अदालतों की चौखट पर भटकते हैं।
भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर भी गिरेगी गाज
पुलिस प्रमुख ने इस दौरान यह भी साफ किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर बिहार पुलिस अडिग है। थानों से भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार मिलती रहती हैं, लेकिन अब अगर कोई पुलिस अधिकारी या जवान रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी तुरंत शिकायत की जा सकती है।
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