पटना: पटना: मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज ‘संवाद’ में एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें उन्होंने पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के प्रतिनिधियों के शिष्टमंडल से सीधे संवाद किया। इस बैठक में राज्य के त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याएं और मांगें सुनी गईं, जिन पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए कई अहम घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत इस बात से की कि यह एक गर्व की बात है कि पंचायत प्रतिनिधियों से सीधा संवाद स्थापित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पंचायती राज विभाग से प्राप्त सुझावों और मांगों का गहनता से अध्ययन किया है और अब इन्हें मूर्त रूप देने का वक्त आ गया है।
मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं
मनरेगा योजना की प्रशासनिक स्वीकृति सीमा बढ़ाई गई
अब ग्राम पंचायत के मुखिया को मनरेगा योजना के तहत ₹5 लाख की योजनाओं की बजाय ₹10 लाख तक की योजनाओं को स्वीकृत करने का अधिकार मिलेगा। इससे योजनाओं के निष्पादन में तेजी आएगी और स्थानीय जरूरतों को अधिक बेहतर ढंग से पूरा किया जा सकेगा।
प्रतिनिधियों के मासिक भत्ते में बढ़ोतरी
पंचायत प्रतिनिधियों के मासिक भत्ते को 1.5 गुना बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इससे उनके आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा में भी इज़ाफा होगा।
पंचायत सरकार भवन निर्माण को मिलेगी नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी पंचायतों में चुनाव से पहले पंचायत सरकार भवन तैयार करना लक्ष्य है। शेष 1069 भवनों की स्वीकृति मिल चुकी है और इनका निर्माण कार्य ग्राम पंचायतों को सौंपा जाएगा। जमीन की उपलब्धता न होने पर नजदीकी गांव में भी निर्माण संभव होगा।
शस्त्र लाइसेंस आवेदनों में पारदर्शिता
पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा किए गए शस्त्र अनुज्ञप्ति आवेदनों को तय समय सीमा के भीतर निष्पादित करने के लिए जिला अधिकारियों को आदेश जारी किया गया है।
अनुग्रह अनुदान में बड़ा बदलाव
पहले केवल आकस्मिक मृत्यु पर ₹5 लाख का अनुग्रह अनुदान मिलता था। अब सामान्य मृत्यु पर भी यह राशि दी जाएगी। इसके अलावा, बीमारी की स्थिति में मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जाएगा।
वित्त आयोग की राशि के उपयोग में सुविधा
पंचायती राज संस्थाएं अब 15 लाख रुपये तक की योजनाएं सीधे विभागीय तौर पर क्रियान्वित कर सकेंगी। इससे विकास कार्यों में गति आएगी।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 2006 में पंचायत और 2007 में नगर निकाय चुनावों में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया गया था। यह कदम आज रंग ला रहा है, क्योंकि बड़ी संख्या में महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग को आगे लाने के लिए समर्पित है।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई, प्रतिनिधियों ने जताया आभार
मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि बचे हुए पंचायत भवन जल्द बनकर तैयार होंगे, जिससे प्रतिनिधियों को जनहित के कार्यों में सहूलियत मिलेगी। इस बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों—जैसे कि जिला परिषद संघ की श्रीमती कृष्णा यादव, पंचायत समिति प्रमुख श्रीमती रश्मि कुमारी, मुखिया संघ के अध्यक्ष श्री मिथिलेश कुमार राय और पंच-सरपंच संघ के अध्यक्ष श्री अमोद कुमार निराला—ने अपनी मांगें और विचार रखे।
उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा पंचायत व्यवस्था में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार की नीतियों का सीधा लाभ अब गांव-गांव तक पहुंच रहा है।
उपस्थित रहे राज्य के शीर्ष अधिकारी
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, पंचायती राज मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता सहित मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव, मुख्य सचिव, विकास आयुक्त, ग्रामीण विकास सचिव और पंचायती राज निदेशक सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।
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