- आगामी 10 दिनों में ईद, चैती नवरात्र, चैती छठ और रामनवमी जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान बिहार में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी स्थिति में विधि-व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। राज्य पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 12 कंपनियों को तैनात किया गया है, जिसमें रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की दो कंपनियां भी शामिल हैं।
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- निर्धारित से अधिक ध्वनि पर डीजे बजाने पर होगी कार्रवाई
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- रामनवमी के दौरान निकलने वाले जुलूस और शोभायात्राओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन द्वारा तय मानकों से अधिक ध्वनि पर डीजे बजाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जुलूस के दौरान बजने वाले गानों और संगीत पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले गाने न बजाए जाएं। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि धार्मिक जुलूस तय किए गए मार्गों से ही गुजरेंगे।
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- किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करने की नहीं होगी इजाजत
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- पिछले वर्ष कुछ जिलों में रामनवमी जुलूस के दौरान हुई हिंसा से सबक लेते हुए, इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ पहले से ही कार्रवाई शुरू कर दी है। धार्मिक आयोजन के दौरान किसी भी तरह की सांप्रदायिक टिप्पणी, भड़काऊ भाषण या सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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- त्योहारों के दौरान 24 घंटे काम करेंगे नियंत्रण कक्ष
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- सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। इन नियंत्रण कक्षों में पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ अग्निशमन दल, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, बिजली विभाग के अधिकारी और अन्य आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने सभी पुलिस अधीक्षकों को अपने जिलों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
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- संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता
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- राज्य के सभी संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। संवेदनशील जिलों में गया, नालंदा, दरभंगा, समस्तीपुर, मुंगेर, खगड़िया और रोहतास शामिल हैं, जहां पिछले वर्षों में अशांति की घटनाएं दर्ज की गई थीं। इन इलाकों में दंडाधिकारी के साथ डीएसपी स्तर के अधिकारियों और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई है। इसके अलावा, दंगारोधी उपकरणों से लैस क्विक रिस्पॉन्स टीम भी अलर्ट मोड में रहेगी।
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- ईद पर प्रशासन की अनुमति से होगी नमाज
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- ईद के दौरान सामूहिक नमाज केवल प्रशासन द्वारा स्वीकृत स्थानों पर ही करने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन से पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। सभी थानों को अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।