नई दिल्ली। बिहार सरकार ने राज्य में स्वरोजगार और उद्यमिता को मजबूती देने के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उद्योग विभाग द्वारा संचालित बिहार लघु उद्यमी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए चयनित लाभार्थियों को प्रथम किस्त की राशि का वितरण मंगलवार को अधिवेशन भवन, पटना में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान किया गया। कार्यक्रम के दौरान एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला भी आयोजित की गई, जिसमें योजना की व्यापक जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री नीतीश मिश्रा की मौजूदगी में हुआ वितरण कार्यक्रम
इस मौके पर मुख्य अतिथि उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार लघु उद्यमी योजना राज्य के युवाओं और महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा,
"हमारा मकसद है कि हर योग्य और इच्छुक व्यक्ति इस योजना का लाभ उठाकर अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सके। यह न केवल रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा, बल्कि बिहार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में अहम योगदान देगा।"
उद्योग मंत्री ने उन सभी नवाचारियों, युवाओं और महिलाओं की सराहना की, जिन्होंने अपने दम पर कारोबार शुरू करने की हिम्मत दिखाई और आत्मनिर्भरता की राह पर कदम बढ़ाया।
क्या है बिहार लघु उद्यमी योजना?
2024 में शुरूआत। स्वरोजगार को प्रोत्साहन देना मकसद। इसके तहत
18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के स्थायी निवासी पात्र हैं।
जिनकी मासिक पारिवारिक आय ₹6,000 या वार्षिक ₹72,000 से कम है, वे आवेदन कर सकते हैं।
लाभुकों को 61 पूर्व निर्धारित परियोजनाओं में से एक का चयन करना होता है।
चयनित आवेदकों को व्यवसाय की शुरुआत के लिए ₹2 लाख तक की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है।
2024-25 में 2.32 लाख से अधिक आवेदन, 59,901 का चयन
उद्यमी पोर्टल के माध्यम से इस वित्तीय वर्ष में कुल 2,32,900 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कंप्यूटरीकृत रैंडमाइजेशन प्रक्रिया द्वारा 59,901 आवेदकों का औपबंधिक चयन किया गया। इनमें पिछले वर्ष की 9,901 रिक्त सीटें भी शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, 11,980 आवेदकों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर चयनित किया जाएगा।
प्रशिक्षण और सहायता: लाभुकों को मिल रही पूरी तैयारी
चयनित लाभार्थियों को उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान द्वारा 3 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य है लाभार्थियों को अपने चुने हुए व्यवसाय के लिए आवश्यक कौशल, वित्तीय प्रबंधन और बाज़ार से जुड़ी जानकारियां देना।
इस समारोह में प्रशिक्षण पूरा कर चुके 20,106 लाभुकों को ₹50,000 की प्रथम किस्त वितरित की गई, जिसकी कुल राशि ₹100.53 करोड़ रही। खास बात यह रही कि इनमें 7,039 महिलाएं शामिल थीं, जो इस योजना के जरिए स्वावलंबन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही हैं।
बिहार को मिलेगा आर्थिक संबल, बढ़ेगा स्वरोजगार
यह योजना केवल व्यक्तिगत लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे राज्य के आर्थिक विकास को गति देने का माध्यम बन रही है। एक ओर जहां युवाओं को अपने गृह राज्य में रहकर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी तेज़ी से बढ़ रही है।
सरकार का मानना है कि इस तरह की योजनाओं से माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज का विस्तार होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
एक मजबूत कदम, आत्मनिर्भर बिहार की ओर
बिहार लघु उद्यमी योजना सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि यह राज्य के लाखों युवाओं और महिलाओं के सपनों को उड़ान देने का मंच है। आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण, और तकनीकी मार्गदर्शन के साथ यह योजना बिहार में उद्यमिता की नई लहर पैदा कर रही है।
Share






