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  • भवन और अन्य निर्माण कार्यों में संलग्न श्रमिकों के कल्याण और अधिकारों की रक्षा हेतु बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला-सह-सेमिनार की शुरुआत मंगलवार को हुई। इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और कार्यों को नियमबद्ध, पारदर्शी और तेज़ी से लागू करना है, ताकि श्रमिकों को उनके अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।
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  • यह कार्यशाला बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तत्वावधान में दशरथ मांझी श्रम नियोजन एवं अध्ययन संस्थान, पटना में आयोजित की जा रही है। इसमें राज्य के सभी उप श्रमायुक्त, सहायक श्रमायुक्त, तथा प्रत्येक प्रमंडल से नामित तीन-तीन श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
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  • इस सत्र में कई अहम विषयों पर चर्चा और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया है भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 के तहत उपकर के निर्धारण एवं संग्रहण प्रक्रिया पर। साथ ही, श्रम कानूनों के नए चार कोड—
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  • कोड ऑन वेजेज (2019)
  • कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी (2020)
  • कोड ऑन इंडस्ट्रियल रिलेशंस (2020)
  • कोड ऑन ऑक्युपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन (2020)—
    पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।
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  • इसके अलावा, निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, कार्य की स्थिति, और कानूनी सुरक्षा पर भी गहन जानकारी दी गई। इस कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों को ओंकार शर्मा, सेवानिवृत्त मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय सरकार), राम बाबू, अधीक्षण अभियंता, भवन निर्माण विभाग, और सुश्री वैशाली लाहिड़ी, राष्ट्रीय परियोजना समन्वयक (अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन) ने अपने अनुभव और विशेषज्ञता से अवगत कराया।
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  • गौरतलब है कि इससे पहले भी अप्रैल-मई 2024 में इसी तरह की कार्यशालाएं आयोजित की गई थीं, जिनका उद्देश्य श्रम विभाग के अधिकारियों को लगातार प्रशिक्षित और अद्यतन रखना है। इस श्रृंखला को जारी रखते हुए, यह कार्यशाला भी उसी दृष्टिकोण का हिस्सा है।
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  • बोर्ड का यह स्पष्ट दृष्टिकोण है कि नियमित कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अधिकारियों को श्रमिकों की जरूरतों, अधिकारों और कल्याण योजनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील और सक्रिय बनाया जाए। इससे न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि निर्माण श्रमिकों का जीवनस्तर भी सुधार की दिशा में बढ़ेगा।