- पटना। बिहार सरकार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक में 22 एजेंडों को मंजूरी दी, जिनमें से कई फैसले ऐतिहासिक हैं। खासकर महिला सरकारी कर्मियों के लिए यह बैठक एक नई उम्मीद लेकर आई, क्योंकि अब उन्हें उनके कार्यस्थल के पास लीज पर निजी मकान उपलब्ध कराए जाएंगे।
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- महिला कर्मियों को लीज पर मिलेगा आवास
- राज्य सरकार पहली बार महिला कर्मचारियों को उनके पदस्थापन स्थल के आस-पास आवास उपलब्ध कराने जा रही है। यह कदम महिला सशक्तिकरण और कार्यस्थल की सुविधा दोनों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तैयार की गई इस योजना के मसौदे को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
- इस सुविधा का लाभ उन महिला सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा जो शिक्षिका, सिपाही या किसी अन्य विभाग में कार्यरत हैं। हालांकि, उन्हें आवास भत्ता की सुविधा नहीं दी जाएगी।
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- आवास चयन प्रक्रिया:
- प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति बनेगी।
- सदस्य सचिव अनुमंडल पदाधिकारी होंगे।
- अन्य सदस्य: एसपी, स्थानीय निकाय प्रतिनिधि और भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता होंगे।
- यह कमेटी किराए के लिए आवेदन किए गए भवनों का निरीक्षण करके तय करेगी कि कौन सा भवन उपयुक्त है।
- भवन में बिजली, पानी, शौचालय जैसी सुविधाएं अनिवार्य होंगी।
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- बिहार में जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन प्रणाली में संशोधन
- 1999 की बिहार जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियमावली को संशोधित कर अब इसे "बिहार जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) नियमावली, 2025" नाम दिया गया है।
अब ये सेवाएं डिजिटलीकृत रूप में उपलब्ध होंगी और जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करना और भी आसान हो जाएगा। - इस बदलाव से क्या होगा?
- जन्मतिथि और स्थान का प्रमाणपत्र डिजिटली मिलेगा।
- विभिन्न सरकारी कार्यों जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, शैक्षणिक संस्थानों में दाखिला और वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए प्रक्रिया सरल होगी।
- राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर डेटाबेस बनाए जाएंगे।
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- हर पंचायत में होंगे निम्नवर्गीय लिपिक
- एक और बड़ा फैसला पंचायत स्तर पर प्रशासनिक सुधार को लेकर लिया गया। अब राज्य की 8093 पंचायतों में निम्नवर्गीय लिपिकों की नियुक्ति होगी।
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- इनकी जिम्मेदारी होगी:
- पंचायत स्तरीय योजनाओं का क्रियान्वयन।
- योजनाओं का लेखा-जोखा रखना।
- पंचायत सरकार भवन या किसी अन्य पंचायत कार्यालय में तैनाती।
- यह बहाली लिपिकीय संवर्ग (भर्ती एवं सेवाशर्त) नियमावली, 2018 के अंतर्गत होगी।
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- कृषि विपणन निदेशालय में नए पद
- कृषि उत्पादों में वैल्यू एडिशन के लिए सरकार ने कृषि विभाग में "कृषि विपणन निदेशालय" बनाया है। इसके लिए 14 पदों को स्वीकृति दी गई है। यह निदेशालय किसानों को बेहतर बाजार मूल्य दिलाने, उत्पादन की प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग जैसे कार्यों में मदद करेगा।
- इसके अलावा मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के तहत चार नए पद भी मंजूर किए गए हैं:
- दो वरीय विमान चालक
- एक कंसलटेंट
- एक सिविल इंजीनियर
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- मेगा स्किल सेंटर: युवाओं के लिए भविष्य की चाबी
- राज्य में स्थापित किए जा रहे मेगा स्किल सेंटरों के माध्यम से अगले पांच वर्षों में 21,600 युवाओं को अत्याधुनिक कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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- मुख्य विशेषताएं:
- कोर्स बाज़ार की मांग के अनुसार होंगे।
- प्लेसमेंट के लिए अलग सेल बनेगा।
- परियोजना की लागत: ₹280.87 करोड़
- अवधि: 5 वर्ष
- इस योजना का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार या नौकरी के लिए तैयार करना है।
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- विज्ञापन नियमों में बड़ा बदलाव
- कैबिनेट ने "बिहार नगर निगम क्षेत्र में विज्ञापन नियमावली (संशोधन), 2025" को भी मंजूरी दी है। अब नगर निकाय क्षेत्र में लगे विज्ञापनों के लिए दरें तय की जाएंगी।
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- मुख्य बातें:
- 5 क्लस्टर बनाकर केंद्रीय प्रणाली तैयार की गई है।
- सभी होर्डिंग, पोस्टर, बैनर आदि के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग से लाइसेंस लेना होगा।
- निगेटिव लिस्ट तैयार की गई है जिसमें कुछ विज्ञापन प्रतिबंधित होंगे।
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- PM-JANMAN: 9 जनजातियों को मिलेगा आवास का लाभ
- प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) के अंतर्गत बिहार के नौ अनुसूचित जनजाति समुदायों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलेगा। इन समुदायों में शामिल हैं:
- असुर
- बिरहोर
- बिरजीया
- हिलखरिया
- कोरवा
- मालपहाड़िया
- परहईया
- सौरियापहाड़िया
- सावर
- प्रत्येक परिवार को ₹2 लाख की राशि चार किस्तों में दी जाएगी।
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- अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
- स्पोर्ट्स इंजुरी यूनिट: पटना स्थित लोकनायक जयप्रकाश हड्डी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में स्पोर्ट इंजुरी यूनिट शुरू की गई है। इसमें 20 बेड और 36 नए पद स्वीकृत किए गए हैं।
- बाढ़ प्रबंधन: जल संसाधन विभाग को दो नई परियोजनाओं के लिए ₹100 करोड़ की मंजूरी मिली है, जिसमें एक तटबंध और एक कटाव रोधी कार्य शामिल हैं।
- डॉक्टरों की बर्खास्तगी: राज्य सरकार ने ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 7 डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया है।