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बिहार की जनता के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक ऐतिहासिक घोषणा की है, जो राज्य की 90% से अधिक घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को सीधे राहत पहुंचाएगी। अब हर महीने 125 यूनिट तक की बिजली बिलकुल मुफ्त मिलेगी। इस योजना को "शत-प्रतिशत सब्सिडी" के नाम से सरकार ने प्रस्तुत किया है, लेकिन आम भाषा में कहें तो यह बिजली उपभोक्ताओं को बिना कोई शुल्क दिए 125 यूनिट बिजली का उपयोग करने का अधिकार देती है।

बिजली की बढ़ती कीमतें और महंगाई के दौर में यह कदम करोड़ों परिवारों के लिए किसी राहत पैकेज से कम नहीं है। इससे न केवल मासिक खर्चों में कटौती होगी, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को खास लाभ मिलेगा। योजना की व्यापकता, सीधी पहुंच और पारदर्शी बिलिंग सिस्टम इसे प्रभावी बनाते हैं।

क्या है 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना?

यह योजना घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बनाई गई है, जिसमें उन्हें हर महीने पहले 125 यूनिट बिजली पर कोई शुल्क नहीं देना होगा। सरकार इसकी भरपाई पूरी तरह से खुद करेगी। यानी कोई टैक्स, कोई सरचार्ज या कोई छिपा हुआ खर्च नहीं होगा। यह सुविधा उन उपभोक्ताओं के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जिनकी मासिक खपत सीमित है, जैसे छोटे परिवार, किराएदार, ग्रामीण उपभोक्ता आदि।

इसके तहत सरकार ने इस योजना को सब्सिडी के तौर पर पेश किया है, लेकिन इसके पीछे सामाजिक-आर्थिक सुधार की भावना स्पष्ट है। यह कदम खासकर चुनाव से पहले जनता का विश्वास हासिल करने की दिशा में भी देखा जा सकता है।

योजना की घोषणा कब और क्यों हुई?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस योजना की घोषणा बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले की। इसका उद्देश्य न केवल आर्थिक राहत देना था, बल्कि बिजली क्षेत्र में सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाना था। योजना की घोषणा जुलाई 2025 में हुई और अगस्त 2025 से इसे लागू किया गया है। इसके तहत राज्य सरकार पर 19,792 करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ेगा, जिसे आगामी वित्तीय वर्ष में बढ़ाया जाएगा।

किसे मिलेगा इस योजना का लाभ?

  • केवल घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को ही इस योजना का लाभ मिलेगा।
  • जिनकी मासिक खपत 125 यूनिट या उससे कम है, उन्हें कोई बिल नहीं देना होगा।
  • यदि खपत 125 यूनिट से अधिक हुई, तो अतिरिक्त यूनिट पर ही शुल्क लगेगा।
  • इसका अर्थ यह है कि यदि कोई उपभोक्ता 200 यूनिट बिजली खर्च करता है, तो केवल 75 यूनिट का ही बिल आएगा। यह बिल भी वर्तमान टैरिफ दर पर आधारित होगा। यानी यह योजना सीमित खपत वालों के लिए सबसे अधिक फायदेमंद है।
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  • एक ही नाम पर कई कनेक्शन का क्या होगा?
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  • अगर किसी व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग मकानों या फ्लैटों में बिजली कनेक्शन हैं, तो उन्हें केवल एक स्थान पर ही मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। यानी एक नाम पर एक लाभ। लेकिन अगर मकान मालिक और किरायेदार के नाम पर अलग-अलग कनेक्शन हैं, तो दोनों को इस योजना का फायदा मिलेगा।
  • यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि योजना का दुरुपयोग न हो और इसका वास्तविक लाभ जरूरतमंद उपभोक्ताओं को ही मिले।
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  • योजना से कितने लोग होंगे लाभान्वित?
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  • ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव के अनुसार, वर्तमान में बिहार में कुल 1 करोड़ 86 लाख 60 हजार घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 1 करोड़ 67 लाख 94 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जिनकी मासिक खपत 125 यूनिट या उससे कम है। इसका मतलब यह हुआ कि 90% से अधिक उपभोक्ता सीधे इस योजना से लाभान्वित होंगे।
  • यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना केवल नाममात्र की नहीं है, बल्कि बड़े स्तर पर प्रभाव डालने वाली है। इतने बड़े वर्ग को राहत मिलना, एक सशक्त सामाजिक योजना की मिसाल है।
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  • योजना से सीधा फायदा किन्हें?
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  • छोटे परिवार, जो सीमित बिजली उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं।
  • किराएदार, जिनका मासिक उपयोग सीमित होता है।
  • ग्रामीण उपभोक्ता, जहां बिजली उपकरण कम होते हैं।
  • वरिष्ठ नागरिक, अकेले रहने वाले लोग आदि।
  • इस योजना के जरिए राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि वह गरीब और मध्यम वर्ग के साथ खड़ी है। इसका सीधा प्रभाव राज्य के सामाजिक संतुलन पर भी पड़ेगा।
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  • स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए प्रक्रिया
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  • स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए यह योजना और भी सुविधाजनक होगी। उनके मीटर डेटा से स्वतः ही यह गणना हो जाएगी कि कितनी यूनिट मुफ्त है और कितना शुल्क देना है। अगस्त से उन्हें अपने बिल में 125 यूनिट की छूट दिखने लगेगी।
  • मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल पर उपभोक्ता अपना बिल देख सकेंगे, जिसमें यह साफ तौर पर बताया जाएगा कि कितनी यूनिट मुफ्त दी गई और कितनी पर चार्ज लगा। यदि किसी उपभोक्ता का जुलाई माह में पहले से ही भुगतान हो गया है, तो अगस्त के बिल में उसका क्रेडिट जोड़ दिया जाएगा।
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  • गैर-स्मार्ट मीटर वाले क्या करें?
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  • गैर-स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए डिस्कॉम द्वारा मैनुअल बिलिंग प्रक्रिया जारी रहेगी। उपभोक्ता को पुराने रीडिंग के आधार पर बिल मिलेगा, जिसमें 125 यूनिट की कटौती दिखेगी। बिल में स्पष्ट लिखा होगा कि किस यूनिट पर सब्सिडी दी गई है और किस पर चार्ज लिया जा रहा है।