- राज्य में बिजली सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता को लेकर ऊर्जा सचिव पंकज कुमार पाल ने मंगलवार को एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार समेत मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके साथ ही सभी क्षेत्रीय सहायक, कनीय, कार्यपालक और अधीक्षण अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस बैठक से जुड़े।
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- बिजली आपूर्ति में कोई कोताही नहीं सहन होगी
- ऊर्जा सचिव ने स्पष्ट शब्दों में अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य के प्रत्येक अंचल में पावर कट, लो वोल्टेज, ट्रांसफार्मर फेलियर और तारों की क्षति जैसी समस्याओं की गहराई से निगरानी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था में आने वाली बाधाओं को "माइक्रो लेवल" पर देखा जाए और उनके समाधान में कोई ढिलाई न बरती जाए।
- उनका साफ कहना था कि, “राज्यवासियों को अबाध बिजली आपूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
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- शिकायतों के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं
- बैठक में यह विशेष रूप से निर्देश दिया गया कि सभी सहायक और कनीय अभियंता उपभोक्ताओं की कॉल्स को गंभीरता से लें। बिजली कटौती, लो वोल्टेज और फ्यूज जैसी शिकायतों का तत्काल निवारण किया जाना चाहिए। यदि कोई अधिकारी इन शिकायतों के समाधान में उदासीनता या लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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- फ्यूज कॉल प्रणाली को बनाना होगा ज्यादा असरदार
- श्री पाल ने कहा कि फ्यूज कॉल रिस्पॉन्स सिस्टम को पारदर्शी और तेज़ बनाया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को बार-बार शिकायत न करनी पड़े। उन्होंने जोर दिया कि शिकायत निवारण प्रणाली को ऐसा बनाया जाए कि लोगों की पहली शिकायत में ही समस्या का समाधान सुनिश्चित हो।
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- उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय अभियंताओं को समयबद्ध कार्रवाई और फॉलोअप सिस्टम पर काम करना चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव मिल सके।
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- मानसून और आपदा की स्थिति में बिजली बहाली प्राथमिकता पर
- ऊर्जा सचिव ने आगामी मानसून सीज़न और संभावित प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखते हुए बिजली बहाली की व्यवस्था को पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंधी, तूफान, ओलावृष्टि या अन्य आपदाओं के बाद विद्युत आपूर्ति को बहाल करना एक युद्धस्तरीय कार्य होगा।
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- इसके लिए उन्होंने सभी अभियंताओं को कहा कि आपदा प्रबंधन के तय प्रोटोकॉल और प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करें, ताकि बिजली बहाली में कोई देर न हो।
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- मीडिया रिपोर्ट पर भी हो कार्रवाई
- श्री पाल ने यह भी कहा कि अगर किसी क्षेत्र में अखबारों या अन्य मीडिया स्रोतों के माध्यम से बिजली समस्या की जानकारी मिलती है, तो विभाग उसे नजरअंदाज न करे। संबंधित अधिकारियों को तुरंत संज्ञान लेकर बिजली आपूर्ति की बहाली सुनिश्चित करनी होगी।
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- उन्होंने कहा कि विभाग को जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करना होगा और भरोसा दिलाना होगा कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेती है।