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Bihar Election 2025: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध नियंत्रण के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य में किसी भी हाल में शांति भंग नहीं होनी चाहिए और चुनाव प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के पूरी हो।

गुंडों, तस्करों और भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान

मुख्य सचिव ने कहा कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों, जैसे भू-माफिया, तस्कर और कुख्यात अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने हर जिले के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि ऐसे तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। इसके लिए पुलिस अधीक्षक स्तर पर एक विशेष सेल (Special Cell) का गठन किया जाएगा, जो विभिन्न सरकारी विभागों से अपराधियों की जानकारी जुटाएगी। उन्होंने फरार अपराधियों की संपत्ति जब्त (कुर्की) करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाने का निर्देश दिया।

अवैध शराब और हथियारों पर शिकंजा

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से अवैध शराब कारोबार के खिलाफ निरंतर छापेमारी अभियान चलाने के आदेश दिए। इसके अलावा वाहनों की जांच अभियान को भी तेज करने को कहा गया, खासकर पीक आवर्स में जब अपराधियों की आवाजाही की संभावना अधिक होती है।

शस्त्र लाइसेंस और हथियार दुकानों की सघन जांच की दिशा में भी मुख्य सचिव ने सख्ती बरतने को कहा। उन्होंने सभी जिलों में चुनाव से पहले हथियारों के लाइसेंस और दुकानों का सत्यापन करने का निर्देश दिया।

इस मौके पर पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने कहा कि जिन लोगों को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया गया है, उन्हें एक महीने के भीतर नोटिस जारी किया जाए और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल रद्द किए जाएं ताकि भविष्य में इससे जुड़े अपराधों पर रोक लगाई जा सके।

एससी-एसटी मामलों में तेजी लाने का आदेश

मुख्य सचिव और डीजीपी ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) मामलों की धीमी गति पर चिंता जताई। उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों को 'मिशन मोड' में निपटाया जाए और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाया जाए। इस दिशा में विशेष जांच टीमों को सक्रिय किया जाएगा, जो इन मामलों की प्राथमिकता से सुनवाई और निपटारे की व्यवस्था करेगी। इसके साथ ही अर्धसैनिक बलों (CAPF) के ठहरने के लिए चिन्हित भवनों में सभी जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं, ताकि बलों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उच्चस्तरीय बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस अहम बैठक में बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार और अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।