- पटना। बिहार दिवस 2025 को इस बार और भी भव्य रूप में मनाया जाएगा। 22 से 26 मार्च तक आयोजित इस पांच दिवसीय महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण महिला थीम पर आधारित नाट्य उत्सव होगा, जिसमें महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और सशक्तिकरण को दर्शाने वाले नाटकों का मंचन किया जाएगा।
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- प्रमुख आयोजन स्थल
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- गांधी मैदान
श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल
रवींद्र भवन
प्रेमचंद रंगशाला -
- नाट्य उत्सव: महिला थीम पर आधारित नाटकों का मंचन
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- पांच दिवसीय नाट्य समारोह का आयोजन
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- इस बार प्रेमचंद रंगशाला में हर दिन एक नया नाटक प्रस्तुत किया जाएगा। खास बात यह होगी कि इन नाटकों में सभी प्रमुख किरदार महिलाएं निभाएंगी।
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- नुक्कड़ नाटक – समाज में जागरूकता का संदेश
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- इसके अलावा गांधी मैदान, रवींद्र भवन और अन्य प्रमुख स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों का मंचन होगा। इन नाटकों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक बदलाव के संदेश दिए जाएंगे।
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- कला और संस्कृति का उत्सव
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- बिहार दिवस सिर्फ नाटकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह कला और संस्कृति का एक विशाल मंच होगा।
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- गांधी मैदान में विशेष स्टॉल
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- कला, संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे।
इन स्टॉलों पर बिहार सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी जाएगी।
स्थानीय कलाकारों और हस्तशिल्पियों के लिए विशेष प्रदर्शन और बिक्री के अवसर होंगे। - ललित कला भवन में दिव्यांग बच्चों के लिए पेंटिंग वर्कशॉप
- पटना के विभिन्न स्कूलों के दिव्यांग बच्चे इस कार्यशाला में भाग लेंगे।
प्रसिद्ध कलाकार बच्चों को चित्रकला और रचनात्मकता के गुर सिखाएंगे।
प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित भी किया जाएगा। -
- पटना कलम शैली की विशेष कार्यशाला
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- पटना की पारंपरिक चित्रकला – पटना कलम (Patna Kalam) को सहेजने और बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन होगा।
स्थानीय और राष्ट्रीय कलाकार इस अनोखी शैली पर अपना अनुभव साझा करेंगे। -
- संगीत और मनोरंजन का रंगारंग संगम
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- बिहार दिवस का यह महोत्सव संगीत प्रेमियों के लिए भी यादगार बनने वाला है।
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- प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियां
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- अभिजीत भट्टाचार्य – बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक
सलमान अली – इंडियन आइडल विजेता
रितिक राज – बिहार के उभरते हुए सितारे
प्रतिभा सिंह बघेल – भारतीय शास्त्रीय संगीत की अद्भुत गायिका -
- लोक संगीत और नृत्य का जादू
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- भोजपुरी, मैथिली, मगही और अंगिका लोकगीतों की शानदार प्रस्तुतियां
झूमर, झटपट, और अन्य पारंपरिक नृत्य शैलियों का प्रदर्शन -
- बिहार दिवस 2025 – क्यों है खास?
- महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित नाटकों का विशेष मंचन
दिव्यांग बच्चों के लिए कला कार्यशालाएं
बिहार की पारंपरिक चित्रकला ‘पटना कलम’ को बढ़ावा
स्थानीय कलाकारों और हस्तशिल्पियों के लिए प्रदर्शन और बिक्री का मंच
लोक संगीत और बॉलीवुड कलाकारों के लाइव परफॉर्मेंस