- पटना। बिहार की गौरवशाली संस्कृति और विकास यात्रा को दर्शाने वाला बिहार दिवस महोत्सव इस वर्ष और भी भव्य होने जा रहा है। 22 मार्च से 26 मार्च 2025 तक पटना के गांधी मैदान में होने वाले इस महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे। इस बार का थीम "उन्नत बिहार - विकसित बिहार" रखा गया है, जो राज्य के सतत विकास और उन्नति को दर्शाता है।
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- इस महोत्सव के आयोजन के लिए शिक्षा विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। महोत्सव में सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पर्यटन सूचना केंद्र, पारंपरिक हस्तशिल्प और उद्योगों की प्रदर्शनी जैसी कई गतिविधियाँ शामिल होंगी।
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- बिहार दिवस 2025: महोत्सव की प्रमुख विशेषताए
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- आयोजन स्थल: गांधी मैदान, पटना
तारीख: 22 मार्च से 26 मार्च 2025
समय: सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक - प्रवेश: पूरी तरह मुफ्त
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- सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी और जागरूकता अभियान
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- इस महोत्सव में 1,25,000 वर्ग फीट क्षेत्र में विभिन्न सरकारी विभागों के 100 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। यहाँ आम जनता को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, उपलब्धियों और विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी।
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- प्रदर्शनी में क्या-क्या होगा?
छात्रों द्वारा बनाए गए मॉडल और प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी
चित्रकला प्रतियोगिता में विजयी चित्रों की प्रदर्शनी
शिक्षकों द्वारा निर्मित "टीचिंग-लर्निंग मटेरियल" (TLM) का प्रदर्शन
स्वास्थ्य विभाग द्वारा हेल्थ चेकअप और मुफ्त टीकाकरण अभियान
राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी-
- यह पहल शिक्षा और नवाचार को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ आम जनता को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास है।
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- स्वास्थ्य सुविधाएँ: 15 मुफ्त हेल्थ स्टॉल और टीकाकरण अभियान
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- स्वास्थ्य विभाग 22 और 23 मार्च को 15 हेल्थ स्टॉल लगाएगा, जहाँ निम्नलिखित सुविधाएँ उपलब्ध होंगी:
शुगर टेस्ट और ब्लड प्रेशर चेकअप
विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मुफ्त परामर्श
एचपीवी वैक्सीन और अन्य स्वास्थ्य सेवाएँ
12 बीमारियों से बचाव हेतु मुफ्त टीकाकरण केंद्र - इस पूरे आयोजन की देखरेख सिविल सर्जन और 11 सीनियर डॉक्टरों की टीम द्वारा की जाएगी।
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- पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहरों की झलक
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- बिहार दिवस महोत्सव में राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी प्रमुखता से दर्शाया जाएगा।
- महाबोधि मंदिर, नालंदा विश्वविद्यालय, विश्व शांति स्तूप, तख्त श्रीहरिमंदिर पटना साहिब की थ्री-डी प्रतिकृतियाँ बनाई जाएंगी।
- वर्चुअल रियलिटी के माध्यम से पर्यटन स्थलों की सैर कराई जाएगी।
पर्यटन सूचना केंद्र पर निवेश और पर्यटन नीति की जानकारी मिलेगी। - पारंपरिक उद्योगों और हस्तशिल्प को बढ़ावा
- इस आयोजन में बिहार के स्थानीय कारीगरों और पारंपरिक उद्योगों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
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- प्रदर्शनी में क्या मिलेगा?
मधुबनी पेंटिंग, मंजूषा आर्ट, टिकुली आर्ट, पेपर माचे और टेराकोटा के उत्पाद
हथकरघा और वस्त्र - भागलपुरी सिल्क, तसर सिल्क, कोसा सिल्क, खादी वस्त्र
बांस और बेंत शिल्प, मिट्टी और लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पाद
चमड़ा, जूट और लाह उद्योगों से जुड़े उत्पादों की प्रदर्शनी- यह पहल स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और निवेशकों को जोड़कर बिहार के पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास है।
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- दर्शकों के लिए सेल्फी प्वाइंट और विशेष स्टॉल
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- आने वाले दर्शकों के लिए आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं।
गांधी मैदान और मरीन ड्राइव पर विशेष थीम बेस्ड सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं।
सूचना विभाग द्वारा नुक्कड़ नाटकों का भी आयोजन किया जाएगा। - महिला सशक्तिकरण पर आधारित नाट्य उत्सव
- प्रेमचंद रंगशाला में विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण थीम पर आधारित नाटकों का मंचन होगा।
इसमें सभी प्रमुख किरदार महिलाएँ होंगी।
श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल और रवींद्र भवन में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। -
- सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण
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- पटना पुलिस और प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
गांधी मैदान और उसके आसपास के इलाकों में यातायात प्रतिबंधित रहेगा।
मॉर्निंग और इवनिंग वॉक पर अस्थायी रोक -
- अधिकारियों की सांस्कृतिक प्रस्तुति
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- इस महोत्सव में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों द्वारा भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।
- 23 मार्च: आलोक राज (गायन) - श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल (शाम 6 बजे)
22 मार्च: डॉ. एन. विजयलक्ष्मी (भरतनाट्यम) - श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल (शाम 7 बजे)
23 मार्च: आईएएस नीलम चौधरी (कथक) - श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल (शाम 7 बजे)