Ayushman Bharat: भारत सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजना, आयुष्मान भारत, ने देश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के हालिया आंकड़ों के अनुसार, 22 दिसंबर 2024 तक 71.81 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (ABHA) नंबर जारी किए जा चुके हैं, जिससे करोड़ों नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।
आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (ABHA) क्या है?
आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (ABHA) एक विशिष्ट पहचान संख्या है, जो प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से संग्रहीत और प्रबंधित करने में सहायक होती है। इससे मरीज और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान सुगम होता है, जिससे उपचार की गुणवत्ता में वृद्धि होती है।
महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जारी किए गए आयुष्मान कार्डों में से 49% महिलाएं हैं, और कुल अस्पताल में भर्ती होने वालों में लगभग 50% महिलाएं शामिल हैं। यह आंकड़े स्वास्थ्य सेवाओं में लैंगिक समानता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाते हैं।
स्वास्थ्य रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण
अब तक 46.53 करोड़ स्वास्थ्य रिकॉर्ड ABHA नंबरों से जोड़े जा चुके हैं, जिससे मरीजों की चिकित्सा इतिहास की जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध हो रही है। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देती है, जिससे मरीजों को बेहतर और त्वरित उपचार मिलना संभव होता है।
स्वास्थ्य सुविधाओं और पेशेवरों का पंजीकरण
हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री (HPR) पर 5.38 लाख से अधिक स्वास्थ्यकर्मी पंजीकृत हैं, जबकि हेल्थकेयर फैसिलिटीज रजिस्ट्री (HFR) पर 3.55 लाख से अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं पंजीकृत हैं। यह पंजीकरण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY)
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत प्रत्येक पात्र लाभार्थी परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाता है, जिससे वे माध्यमिक और तृतीयक देखभाल अस्पताल में भर्ती होकर उपचार प्राप्त कर सकते हैं। 17 दिसंबर 2024 तक, इस योजना के माध्यम से 36.28 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिससे लाखों लोगों को स्वास्थ्य कवरेज मिला है।
मिशन इंद्रधनुष: टीकाकरण में विस्तार
भारत की स्वास्थ्य सेवा उपलब्धियों में मिशन इंद्रधनुष का महत्वपूर्ण योगदान है, जिसने सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के तहत टीकाकरण कवरेज का विस्तार किया है। इस मिशन के तहत 11 प्रकार के टीकों का प्रावधान शामिल है, जो रोकथाम योग्य बीमारियों से सुरक्षा बढ़ाते हैं। अब तक आयोजित मिशन इंद्रधनुष के सभी चरणों में कुल 5.46 करोड़ बच्चों और 1.32 करोड़ गर्भवती महिलाओं को टीका लगाया गया है।
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