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पटना: शिक्षा एक सामान्य सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नींव है। यह कोई सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक की डेस्क जॉब नहीं है, बल्कि यह भावी पीढ़ियों को संवारने का पुनीत कार्य है। यही बात बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने रविवार को नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड में अल्पसंख्यक समुदाय के स्कूलों के निरीक्षण के दौरान कही।

डॉ. सिद्धार्थ ने साफ कहा कि शिक्षक समाज के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, और उनका कार्य सिर्फ पाठ्यक्रम पढ़ाना नहीं, बल्कि छात्रों में मूल्यों और संस्कारों का बीजारोपण करना है। उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा जताई कि वे इस जिम्मेदारी को पूर्ण समर्पण और ईमानदारी के साथ निभाएं। उन्होंने एक शिक्षक सम्मेलन को भी संबोधित किया, जहाँ बड़ी संख्या में स्थानीय शिक्षकों की उपस्थिति रही।

शिक्षकों की समस्याएं सुनी, समाधान का भरोसा

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विभिन्न समस्याएं जैसे स्थानांतरण, संसाधनों की कमी और प्रशासनिक दिक्कतों को डॉ. सिद्धार्थ के समक्ष रखा। उन्होंने इन बातों को गंभीरता से सुना और तुरंत आश्वासन दिया कि हर समस्या का उचित समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि अधिकांश शिक्षकों को उनकी प्राथमिकता के अनुसार स्थानांतरण दिया गया है, लेकिन यदि किसी को कोई आपत्ति है तो वे विभाग में आवेदन करें, उन पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।

जमीन से जुड़े नजर आए अधिकारी

अपर मुख्य सचिव का एक और मानवीय और सादगी भरा रूप भी उस दिन सामने आया। नवादा से पटना लौटते समय, वे बख्तियारपुर मोड़ के पास एक ढाबे पर रुके। वहाँ उन्होंने अपने हाथों से चाय बनाई और स्थानीय दुकानदार के साथ लिट्टी भी सेंकी। जमीन से जुड़ी इस सादगी भरी छवि ने आम लोगों को बेहद प्रभावित किया। उन्होंने आमजन के साथ बातचीत की और सहजता से वहां का माहौल भी समझा।

मदरसों का भी निरीक्षण

डॉ. सिद्धार्थ ने अकबरपुर प्रखंड स्थित कुछ मदरसों का भी निरीक्षण किया और वहाँ की शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों और छात्रों से संवाद किया और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। खास बात यह रही कि उन्होंने यह भी बताया कि अल्पसंख्यक स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी रहती है, लेकिन रविवार को सामान्य रूप से पढ़ाई होती है

इस निरीक्षण दौरे ने यह स्पष्ट किया कि बिहार सरकार शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर गंभीर है और प्रशासनिक अधिकारी खुद ज़मीनी हकीकत जानने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।