- अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 ने टेकऑफ के चंद मिनटों बाद ही बड़ा हादसा झेल लिया। विमान मेघानीनगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जो अहमदाबाद एयरपोर्ट से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
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- एयर इंडिया द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस विमान में कुल 242 यात्री सवार थे, जिनमें:
- 169 भारतीय नागरिक
- 53 ब्रिटिश नागरिक
- 1 कनाडाई नागरिक
- 7 पुर्तगाली नागरिक
- शामिल थे।
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- रॉयटर्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि अब तक 100 से अधिक शवों को अस्पतालों में लाया जा चुका है, जबकि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए कई सवाल उठ रहे हैं, जिनमें से सबसे अहम सवाल है: क्या विमान हादसों में मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवजा मिलता है? अगर हां, तो कितना और कौन देता है?
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- मुआवजा कौन देता है – एयरलाइन या विमान निर्माता?
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- अक्सर यह भ्रम रहता है कि मुआवजे की जिम्मेदारी एयरलाइन कंपनी और विमान निर्माता कंपनी के बीच बंटी होती है। लेकिन कानूनी रूप से यात्रियों की सुरक्षा और क्षति के लिए पूरी जिम्मेदारी एयरलाइन कंपनी की होती है, न कि विमान बनाने वाली कंपनी की।
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- मॉन्ट्रियल कन्वेंशन क्या है और यह क्या कहता है?
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- मॉन्ट्रियल कन्वेंशन 1999 एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जिसे हवाई यात्राओं में यात्रियों को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा और मुआवजा तय करने के लिए लागू किया गया था। भारत ने 2009 में इस कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके बाद यह नियम भारत में भी लागू हो गया।
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- इस कन्वेंशन के तहत:
- यदि किसी विमान हादसे में यात्री की मृत्यु होती है, तो एयरलाइन कंपनी को 1,28,821 SDR (Special Drawing Rights) तक मुआवजा देना होता है।
- 1 SDR लगभग ₹108 के बराबर होता है (वर्तमान विनिमय दरों के अनुसार)।
- यानी मुआवजा राशि करीब ₹1.4 करोड़ तक हो सकती है।
- यह राशि बिना किसी गलती साबित किए भी दी जाती है, और यदि पीड़ित पक्ष अतिरिक्त क्षति का दावा करता है, तो एयरलाइन को अतिरिक्त देनदारी भी झेलनी पड़ सकती है।
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- क्या ट्रैवल इंश्योरेंस से भी मिलता है मुआवजा?
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- हां, अगर यात्री ने ट्रैवल इंश्योरेंस कराया है, तो उसे या उसके परिजनों को अलग से एक्सीडेंटल डेथ कवरेज मिल सकता है।
- अधिकांश ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में ₹25 लाख से ₹1 करोड़ तक का कवरेज देती हैं।
- यह क्लेम मुआवजे से अलग और अतिरिक्त होता है।
- इसलिए अंतरराष्ट्रीय या घरेलू यात्रा से पहले इंश्योरेंस करवाना एक समझदारी भरा कदम माना जाता है।
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- क्या सरकार भी देती है मुआवजा?
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- विमान हादसे में मौत की स्थिति में सामान्यतः सरकार की ओर से कोई अनिवार्य मुआवजा नहीं दिया जाता। यह पूरी तरह एयरलाइन की जिम्मेदारी होती है।
- हालांकि, अगर दुर्घटना असाधारण और व्यापक स्तर पर होती है या राजनीतिक, कूटनीतिक या मानवीय पहलू जुड़ा होता है, तो राज्य या केंद्र सरकार मानवीय आधार पर मुआवजे का ऐलान कर सकती है।
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- मुआवजे के दावे के लिए क्या प्रक्रिया होती है?
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- परिजनों को एयरलाइन कंपनी से संपर्क कर क्लेम फॉर्म भरना होता है।
- इसके साथ मृत्यु प्रमाण पत्र, यात्रा टिकट, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज मांगे जाते हैं।
- कुछ मामलों में मुआवजा बीमा कंपनी या कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से भी क्लेम किया जाता है।