- बिहार में अपराधियों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सख्त निर्देशों के बाद बिहार पुलिस एक्शन मोड में आ चुकी है। पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने कई कुख्यात अपराधियों का एनकाउंटर किया, जबकि कई अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।
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- 2025 की शुरुआत से ही अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनके तहत 227 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 29 इनामी बदमाश भी शामिल हैं। बिहार पुलिस अब साफ संदेश दे चुकी है कि जो भी कानून तोड़ेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
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- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश: अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
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- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में अपराध मुक्त वातावरण बनाने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्देश दिया है। उनका साफ कहना है कि बिहार में अब अपराधियों की कोई जगह नहीं होगी। पुलिस को पूरी आज़ादी देकर अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। तेज कार्रवाई और मॉनिटरिंग के लिए एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) को सक्रिय किया गया है। डिजिटल तकनीक का उपयोग कर अपराधियों के हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।
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- तीन महीने में चार मुठभेड़
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- पिछले तीन महीनों में पटना, गया, अररिया और मुंगेर समेत कई जिलों में पुलिस और अपराधियों के बीच चार मुठभेड़ हुई हैं।
- पटना में दो एनकाउंटर हुए, जिनमें दो इनामी बदमाश ढेर हुए। गया और अररिया में बड़ी कार्रवाई कर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया।
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- 227 अपराधियों की गिरफ्तारी
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- 2025 की शुरुआत से अब तक 227 अपराधी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें से 29 अपराधी इनामी बदमाश थे, जिन पर पुलिस लंबे समय से नजर बनाए हुए थी। 50-50 हजार के दो कुख्यात अपराधियों का एनकाउंटर। आठ नक्सलियों की गिरफ्तारी।
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- 29 इनामी बदमाशों पर शिकंजा
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- बिहार पुलिस अब उन अपराधियों को भी ट्रैक कर रही है जो जेल में रहकर भी अपराध को अंजाम देते हैं। अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग और इंटेलिजेंस सिस्टम को मजबूत किया गया है। सीसीटीवी, ड्रोन और साइबर सेल की मदद से अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। फरार अपराधियों की सूची बनाई गई और उन पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।
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