पटना: शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह के शहादत दिवस के अवसर पर बिहार में भव्य राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। कारगिल चौक स्थित भगत सिंह प्रतिमा स्थल पर हुए इस मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि सहित अनेक राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
श्रद्धांजलि समारोह में देशभक्ति का माहौल
इस अवसर पर सशस्त्र पुलिस बल द्वारा शोक सलामी अर्पित की गई, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति से ओत-प्रोत हो गया।उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों और आम नागरिकों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। देशभक्ति गीतों का गायन किया गया, जिसने वहां मौजूद लोगों को वीरता और बलिदान की भावना से भर दिया। समारोह में वक्ताओं ने भगत सिंह के बलिदान, विचारधारा और स्वतंत्रता संग्राम में उनके अतुलनीय योगदान को याद किया।
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अपने संबोधन में कहा, "भगत सिंह केवल एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे, बल्कि वे भारत की युवा क्रांति के प्रतीक थे। उनका साहस और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।"
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, "भगत सिंह के विचार और उनकी क्रांतिकारी सोच आज भी प्रासंगिक हैं। युवाओं को उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए।"
भगत सिंह: भारत के अमर क्रांतिकारी
भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब के बंगा गाँव (अब पाकिस्तान में) में हुआ था। वे बचपन से ही ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आवाज़ उठाने लगे थे। 1919 में जलियांवाला बाग हत्याकांड ने भगत सिंह के भीतर आजादी की लौ जला दी।1928 में उन्होंने लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए सांडर्स की हत्या कर दी। 8 अप्रैल 1929 को भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने दिल्ली की केंद्रीय असेंबली में बम फेंककर 'इंकलाब जिंदाबाद' का नारा बुलंद किया। ब्रिटिश सरकार ने उन्हें 23 मार्च 1931 को राजगुरु और सुखदेव के साथ फांसी की सजा दे दी।
समारोह में युवाओं से भगत सिंह के विचारों को अपनाने की अपील
समारोह में वक्ताओं ने युवाओं को भगत सिंह के बलिदान से प्रेरणा लेने और उनके विचारों को अपनाने का आह्वान किया।
शिक्षा और जागरूकता को हथियार बनाकर समाज में बदलाव लाने की अपील की गई।
देश के विकास में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
राष्ट्र निर्माण में योगदान देने और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाने का संकल्प लिया गया।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार भगत सिंह के विचारों और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करेगी।
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