पटना। आगामी सप्ताह में होने वाली एनडीए की अहम बैठक से पहले जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस सिलसिले में पार्टी की कोर कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है, जिसमें पार्टी नेतृत्व तय करेगा कि एनडीए की बैठक में जदयू किस रुख के साथ भाग लेगा। इससे पहले भी जदयू की एक कोर कमेटी बैठक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में हो चुकी है, जिसमें शुरुआती रणनीतियों पर चर्चा की गई थी।
सीट बंटवारे को लेकर बनेगी स्पष्ट रणनीति
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, कोर कमेटी की बैठक में इस बात पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी कि जदयू एनडीए गठबंधन के तहत कितनी सीटों पर दावा पेश करेगा। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, यह संख्या 100 से 110 के बीच हो सकती है। जदयू के प्रदेश नेतृत्व ने पहले ही ऐसी सीटों की पहचान कर ली है, जहां पार्टी का परंपरागत जनाधार मजबूत है, जहां वर्तमान में जदयू के विधायक हैं या फिर पिछली बार पार्टी ने वहां जीत दर्ज की थी। कोर कमेटी का निर्णय एनडीए की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा, जहां सभी सहयोगी दलों के बीच सीटों को लेकर मंथन होगा।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में होगी उच्चस्तरीय बैठक
इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा जदयू के प्रमुख नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा भाग लेंगे। इन्हीं नेताओं की उपस्थिति में तय होगा कि पार्टी किस सीट पर किस तरह की दावेदारी प्रस्तुत करेगी और किन मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी।
एनडीए जिला सम्मेलनों से मिली गाइडलाइन
जदयू ने हाल ही में संपन्न हुए एनडीए के जिला स्तरीय सम्मेलनों के आधार पर संभावित सीटों और प्रत्याशियों की एक सूची तैयार की है। पार्टी ने इस बार एक नई रणनीति अपनाई है, जिसके तहत प्रत्याशियों से चुनाव लड़ने के लिए कोई औपचारिक आवेदन नहीं लिया जाएगा। इसके बजाय, जिन नेताओं ने जमीनी स्तर पर सक्रियता दिखाई है और जिनका सामाजिक प्रभाव क्षेत्र में मजबूत है, उन्हीं के नाम सूची में शामिल किए गए हैं।
स्थानीय समीकरण होंगे निर्णायक कारक
सूत्रों के मुताबिक, जदयू की संभावित उम्मीदवारों की सूची में स्थानीय सामाजिक समीकरणों को विशेष रूप से ध्यान में रखा जाएगा। जातीय संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और विकास के मुद्दों पर काम करने वाले चेहरों को तरजीह दी जाएगी। जदयू की यह रणनीति आगामी चुनावों में उसके प्रदर्शन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
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