- पटना। बिहार सरकार ने आपदा के दौरान पशुपालकों को राहत पहुंचाने के लिए एक विशेष सहायता योजना लागू की है। यदि बाढ़ या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा में आपके पशु लापता हो जाएं या उनकी मृत्यु हो जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की इस योजना के अंतर्गत प्रभावित पशुपालकों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि वे अपनी आजीविका की क्षति की भरपाई कर सकें।
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- चार श्रेणियों में मिलेगा अनुदान
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- विभाग द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, पशु हानि पर मिलने वाला अनुदान चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है:
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- 1. दूध देने वाले पशु
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- गाय, भैंस आदि (बड़े पशु) – प्रति पशु ₹37,500 तक (अधिकतम 3 पशुओं के लिए)
- बकरी, भेड़, सुअर आदि (छोटे पशु) – प्रति पशु ₹4,000 तक (30 पशुओं तक)
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- 2. भार ढोने वाले पशु
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- बैल, ऊंट, घोड़ा आदि – ₹32,000 प्रति पशु (अधिकतम 3 पशु)
- बछड़ा, खच्चर, टट्टू, गधा आदि – ₹20,000 प्रति पशु (अधिकतम 6 पशु)
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- 3. पोल्ट्री (मुर्गी पालन)
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- ₹100 प्रति इकाई की दर से अनुदान
- प्रति परिवार अधिकतम ₹5,000 तक की सहायता राशि
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- 4. पशु शेड में अग्निकांड
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- यदि घर से लगे पशु शेड में आग लगने से क्षति होती है, तो ₹3,000 प्रति शेड की दर से अनुदान मिलेगा
- नोट: एक परिवार को अधिकतम तीन श्रेणियों में ही अनुदान का लाभ दिया जाएगा।
- कैसे करें आवेदन?
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- इस योजना का लाभ पाने के लिए पशुपालकों को कुछ आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया इस प्रकार है:
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- आवश्यक दस्तावेज़:
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- स्थानीय पशु चिकित्सक द्वारा प्रमाणित रिपोर्ट जिसमें मृत पशु की संख्या, प्रकार और मृत्यु का कारण स्पष्ट हो
- पशुपालक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, बैंक खाता संख्या आदि
- फोटो पहचान पत्र और बैंक पासबुक की प्रति
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- आवेदन कहां करें?
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- जिला पशुपालन पदाधिकारी के कार्यालय में जाकर
- या ऑनलाइन माध्यम से विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर: https://state.bihar.gov.in/ahd
- इस वेबसाइट पर योजना से संबंधित अधिक जानकारी और आवेदन फॉर्म भी उपलब्ध है।