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  • बिहार, जिसकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जड़ें प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक फैली हुई हैं, आज अपनी पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित कर रहा है। बिहार दिवस 2025 इस गौरवशाली यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो हमें अपनी समृद्ध विरासत का सम्मान करने और एक उन्नत, विकसित बिहार के सपने को साकार करने की प्रेरणा देता है।
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  • बिहार की वैश्विक पहचान: पीएम मोदी का मखाना गिफ्ट
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  • बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को आज विश्व भर में सराहा जा रहा है। हाल ही में, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मॉरीशस यात्रा पर गए, तो उन्होंने वहां के राष्ट्रपति को बिहार का प्रसिद्ध सुपरफूड मखाना उपहार स्वरूप भेंट किया। यह कोई साधारण भेंट नहीं थी, बल्कि बिहार की पारंपरिक उपज को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का एक मजबूत संकेत था। मिथिलांचल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर उगाया जाने वाला मखाना अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहा है।
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  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिहार की सांस्कृतिक विरासत
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  • वर्ष 2023 में भारत की मेजबानी में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन ने भी बिहार की शैक्षिक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया। सम्मेलन के स्वागत क्षेत्र में नालंदा विश्वविद्यालय की छवि को पृष्ठभूमि के रूप में चुना गया, जिससे यह संदेश गया कि बिहार की विरासत आज भी प्रासंगिक और प्रेरणादायक है।
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  • मिथिला पेंटिंग: विश्व मंच पर बिहार की कला
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  • बिहार की मिथिला पेंटिंग भी वैश्विक मंच पर अपनी छाप छोड़ रही है।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विभिन्न विदेशी दौरों के दौरान विश्व नेताओं को मिथिला पेंटिंग उपहार में देकर इस पारंपरिक कला को बढ़ावा दिया है।

  • सिंगापुर यात्रा के दौरान उन्होंने इंडियन हेरिटेज सेंटर से रूपे कार्ड के जरिए मधुबनी पेंटिंग खरीदी, जिससे बिहार के कारीगरों को एक नई पहचान मिली।

  • केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते समय मिथिला पेंटिंग से सजी साड़ी पहनकर इसे देशभर में चर्चा का विषय बना दिया।
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  • 113 साल का गौरवशाली सफर: बिहार दिवस 2025 थीम
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  • 22 मार्च 2025 को बिहार अपनी स्थापना के 113 साल पूरे करेगा। वर्ष 1912 में बंगाल प्रेसिडेंसी से अलग होकर बिहार एक स्वतंत्र प्रांत बना था। इन वर्षों में बिहार ने कई उतार-चढ़ाव देखे लेकिन अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को हमेशा संजोए रखा।
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  • इस वर्ष बिहार दिवस की थीम

  • "वैश्विक मंच पर चमक रही बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर" रखी गई है।
    यह थीम राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने, इसके सतत विकास और उज्ज्वल भविष्य पर केंद्रित है।
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  • बिहार दिवस समारोह: तीन दिवसीय आयोजन
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  • पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 22 से 26 मार्च तक तीन दिवसीय समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें –
    सरकारी विभागों द्वारा प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी, जो बिहार की उपलब्धियों और लोक-कल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित करेंगी।
    श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल और रवींद्र भवन में लोक नृत्य, संगीत, नाटक और सांस्कृतिक परिचर्चाएं होंगी, जो बिहार की समृद्ध विरासत को दर्शाएंगी।