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  • बिहार दिवस 2025 के अवसर पर नई दिल्ली के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हस्तशिल्प को दर्शाने वाला भव्य उत्सव आयोजित किया गया। यह आयोजन 16 मार्च से 31 मार्च तक चलने वाले बिहार उत्सव का हिस्सा है, जिसमें बिहार की कला, संस्कृति, शिल्प और औद्योगिक विकास को प्रदर्शित किया गया।
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  • बिहार दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1912 में बिहार को बंगाल प्रांत से अलग कर एक स्वतंत्र राज्य बनाया गया था। इस ऐतिहासिक दिन को याद करते हुए बिहार सरकार ने दिल्ली में रहने वाले प्रवासी बिहारवासियों के लिए एक अनूठा सांस्कृतिक आयोजन किया।
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  • मुख्य अतिथि उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि बिहार अब निवेश और उद्योग के क्षेत्र में भी लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रवासी बिहारियों से अपने राज्य से जुड़े रहने और बिहार के विकास में भागीदार बनने की अपील की।
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  • उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा का संबोधन
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  • उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा: "एक समय था जब विश्व का इतिहास बिहार के आसपास ही घूमता था। अब बिहार फिर से विकास की ओर बढ़ रहा है।" उन्होंने बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर, गुड गवर्नेंस और निवेश की नई संभावनाओं पर जोर दिया।
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  • उद्योग सचिव श्रीमती बंदना प्रेयशी ने कहा: “बिहार केवल मधुबनी पेंटिंग या भागलपुरी सिल्क तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह निवेश का भी केंद्र बन रहा है।” रेजिडेंट कमिश्नर श्री कुंदन कुमार ने Bonding, Branding और Business के मूल मंत्र के तहत प्रवासी बिहारवासियों को बिहार के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। तकनीकी विकास निदेशक श्री शेखर आनंद ने कहा: "यहां प्रदर्शित प्रत्येक कलाकृति बिहार के गौरवशाली इतिहास की कहानी कहती है। हमारे कारीगर न केवल अतीत को सहेज रहे हैं, बल्कि भविष्य भी बना रहे हैं।"
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  • बिहार उत्सव में सांस्कृतिक संध्या: संगीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुति
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  • बिहार उत्सव के दौरान सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसिद्ध कलाकारों ने शास्त्रीय और लोक कलाओं का प्रदर्शन किया।
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  • प्रमुख प्रस्तुतियां:
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  • भरतनाट्यमश्रीमती मनीषा झा
    लोक नृत्यनालंदा संगीत कला विकास संस्थान
    लोक संगीतडॉ. सुष्मिता झा
    शास्त्रीय गायनडॉ. नलिनी जोशी
    लोक एवं पार्श्व गायनश्रीमती रेखा झा
    लोक संगीतगोस्वामी आराध्य गिरी (लूसी भारत)
  • इन प्रस्तुतियों ने बिहार दिवस समारोह को सांस्कृतिक दृष्टि से और भी खास बना दिया