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  • बिहार, जो अपने समृद्ध इतिहास, संस्कृति और परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है, इस वर्ष 113वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस अवसर को विशेष बनाने के लिए पटना के गांधी मैदान को भव्य रूप से सजाया गया है, जहां विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस बार का बिहार दिवस राज्य की शिक्षा, कला, संस्कृति, पारंपरिक उद्योगों और आत्मनिर्भरता को समर्पित है।
  • गांधी मैदान में भव्य आयोजन
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  • शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस समारोह में गांधी मैदान को दुल्हन की तरह सजाया गया है। यहाँ देश के प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे, जबकि परिसर में आकर्षक शिल्प कलाकृतियाँ लोगों का ध्यान आकर्षित करेंगी। इसके अलावा, रवींद्र भवन और श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
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  • साहित्य और कला का संगम
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  • राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के तत्वावधान में आयोजित पुस्तक मेले में साहित्य प्रेमियों के लिए अनेक कार्यक्रम होंगे। प्रसिद्ध साहित्यकारों के साथ संवाद, काव्य गोष्ठी और साहित्यिक चर्चाओं का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे लोगों को बिहार की साहित्यिक धरोहर से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
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  • प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएँ
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  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार दिवस के अवसर पर राज्यवासियों को बधाई दी है। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि बिहार वीरों और महान विभूतियों की पावन भूमि है, जिसने भारतीय इतिहास को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास में यहाँ के मेहनती और प्रतिभाशाली नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
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  • संगीत और नृत्य से सजेगा बिहार दिवस
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  • इस वर्ष बिहार दिवस पर कई नामचीन गायक और कलाकार अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे:
  • 22 मार्च: पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य अपने सुरों से समां बाँधेंगे।
  • 23 मार्च: प्रसिद्ध गायिका रितिका राज और प्रतिभा सिंह बघेल अपनी गायकी से लोगों को मंत्रमुग्ध करेंगी।
  • 24 मार्च: पार्श्व गायक सलमान अली अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुति देंगे।
  • ध्रुपद गायक पंडित जगत नारायण पाठक अपनी शास्त्रीय गायकी से शाम को सुरमयी बनाएंगे।
  • कथक नृत्यांगना प्राची पल्लवी और भिखारी ठाकुर रंगमंडल के कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोहेंगे।
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  • सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
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  • बिहार दिवस के लिए गांधी मैदान को चार सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहाँ 65 दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह और वरीय पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। कुल 128 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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  • विकास और संस्कृति का उत्सव
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  • इस भव्य आयोजन में बिहार सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं का प्रदर्शन भी किया जाएगा। साथ ही, कला, संस्कृति और खान-पान को समर्पित कार्यक्रमों का आयोजन होगा। सूफी गायन, हास्य कवि सम्मेलन और लोकगीतों की प्रस्तुतियाँ इस समारोह को और भी खास बनाएंगी।
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  • हस्तशिल्प और पारंपरिक उद्योगों की प्रदर्शनी
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  • गांधी मैदान में भागलपुरी सिल्क, तसर, कोसा और सूती वस्त्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मिथिला पेंटिंग, टिकुली पेंटिंग, टेराकोटा, बांस शिल्प, सुजनी, मंजूषा कला जैसी बिहार की पारंपरिक कलाओं का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
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  • बिहार की नई उड़ान
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  • इस वर्ष बिहार दिवस को ‘उन्नत बिहार, विकसित बिहार’ की थीम पर मनाया जा रहा है। जीविका की ओर से 12 स्टाल लगाए जाएंगे, जहाँ महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके अलावा, गणितीय ओलंपियाड और शिक्षा विभाग के कार्यक्रम भी आयोजन का हिस्सा होंगे।