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Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही लंदन जा रही Air इंडिया की फ्लाइट AI171 क्रैश हो जाती है और उसी के साथ उठते हैं कई सवाल? क्या इस हादसे के पीछे मेंटेनेंस में लापरवाही थी? क्या इसमें तुर्की की किसी कंपनी का हाथ था? कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इस विमान का रखरखाव तुर्की की कंपनी टर्किश टेक्निक ने किया था, लेकिन अब तुर्की सरकार की आधिकारिक डंपकिंग इकाई यानी "Center for Countering Disinformation" सामने आई है, उनका साफ कहना है यह दावा पूरी तरह से झूठा है बयान में कहा गया बोइंग 787 8 ड्रीम लाइनर की सर्विसिंग टर्किश टेक्निक ने कभी नहीं की।

तुर्की सरकार की तरफ से क्या सफाई पेश की गई?

रिपोर्ट्स के अनुसार, डंपकिंग यूनिट का कहना है कि हमारे और एयर इंडिया के बीच जो समझौता है वह सिर्फ B77 टाइप विमानों के लिए है। हादसे का शिकार विमान इस समझौते का हिस्सा नहीं था। इतना ही नहीं बयान में यह भी कहा गया कि झूठी खबरें भारत तुर्की संबंधों को नुकसान पहुंचाने के लिए फैलाई जा रही है। तुर्की का दावा है कि यह एक प्रोपेगेंडा का हिस्सा है जो उनके इंटरनेशनल ब्रांड्स की इमेज को निशाना बना रहा है। बता दें कि गुरुवार दोपहर AI171 फ्लाइट ने अहमदाबाद से उड़ान भरी और कुछ ही मिनटों के बाद बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकराकर क्रैश हो गई इस भयानक हादसे में 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई। सिर्फ एक शख्स रमेश कुमार विश्वास जिंदा बचा।

28 घंटे बाद मिला ब्लैक बॉक्स

बाकी यात्री पायलट मेडिकल स्टूडेंट्स आग की चपेट में आ गए, डीएनए से पहचान की जा रही है ,अब तक 33 शवों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का नाम भी शामिल है। हादसे के 28 घंटे बाद ब्लैक बॉक्स मिला। सरकार ने एक हाई लेवल कमेटी बना दी है, लेकिन सवाल वही है मेंटेनेंस में चूक किसकी थी। भारत और तुर्की के रिश्ते पहले से तनाव में हैं। ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान को लेकर तुर्की की अपनी ओपन सपोर्ट ने हालत बिगाड़ दिए थे। अब जब तुर्की का नाम हादसे से जुड़ा तो उन्होंने तुरंत डैमेज कंट्रोल शुरू किया, अब देखना यह है कि जांच क्या कहती है, सच सामने आता है या फिर यह भी एक और राज बनकर रह जाएगा, यह था पूरा मामला।