- जम्मू। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के जंगलों में छिपे आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का अभियान तीसरे दिन भी जारी है। इस ऑपरेशन में सेना के कमांडो, हेलीकॉप्टर, ड्रोन, खोजी कुत्ते और मानव रहित हवाई वाहन (UAV) का उपयोग किया जा रहा है। पूरे इलाके को घेर लिया गया है और सुरक्षाबल अंदर तक घुसकर आतंकियों की तलाश में जुटे हुए हैं।
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- कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन?
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- रविवार शाम हीरानगर सेक्टर में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसके बाद, पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
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- खुफिया जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान से सटे सान्याल गांव के जंगलों में आतंकवादियों की मौजूदगी का पता चला था। यह इलाका अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) से लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित है। माना जा रहा है कि आतंकी शनिवार को खड्ड (बरसाती नाला) या किसी नई बनी सुरंग के जरिए घुसपैठ कर पहुंचे।
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- सेना और पुलिस का संयुक्त अभियान
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- सुरक्षाबलों ने पूरे जंगल को चारों ओर से घेर रखा है। सोमवार को ऑपरेशन के दौरान बरामद सामग्रियां:
- एम4 कार्बाइन की 4 मैगजीन (गोली से भरी हुई), दो ग्रेनेड, एक बुलेटप्रूफ जैकेट, स्लीपिंग बैग और ट्रैकसूट
- खाने-पीने के पैकेट और अन्य सामान।
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- ग्रामीणों ने देखा पांच आतंकियों का ग्रुप
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- स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि लकड़ी इकट्ठा करने गई कुछ महिलाओं ने जंगल में करीब 5 आतंकियों को देखा। इस सूचना के बाद सेना और पुलिस ने घेरेबंदी और मजबूत कर दी।
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- सात वर्षीय लड़की हुई घायल
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- इस मुठभेड़ के दौरान एक 7 साल की बच्ची मामूली रूप से घायल हो गई जब एक गोली उसके हाथ के पास से गुजर गई। उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वह अब सुरक्षित है।
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- स्थानीय लोग कर रहे सेना की मदद
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- ग्रामीणों ने सेना और मीडिया कर्मियों के लिए सामुदायिक रसोई (लंगर) की व्यवस्था की है। स्थानीय लोग सुरक्षाबलों को हर संभव मदद देने के लिए तैयार हैं।