World Brain Tumor Day 2022: जानिए क्यों 8 जून को ही मनाया जाता है वर्ल्ड टयूमर दिवस, क्या है इसका इतिहास, लक्षण व उपचार

World Brain Tumor Day 2022: जानिए क्यों 8 जून को ही मनाया जाता है वर्ल्ड टयूमर दिवस, क्या है इसका इतिहास, लक्षण व उपचार

World Brain Tumor Day 2022: विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस 2022 आठ जून यानि बुधवार को मनाया जा रहा है। आम लोगों में ब्रेन टयूमर को लेकर तरह तरह की भ्रान्तिया हैं। ऐसे में उन्हें ब्रेन टयूमर के बारे में शिक्षित और जागरूक करने के मकसद से विश्व ब्रेन टयूमर दिवस मनाया जाता है। यदि​ ब्रेन टयूमर का समय रहते पता चल जाए और समय से उपचार शुरू हो जाए तो व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है।

दरअसल जब मस्तिष्क में असामान्य सेल्स की वृद्धि होती है और यह बड़े पैमाने पर होता है। यानि जब मस्तिष्क में सेल्स की गांठ बन जाती है। उसे ब्रेन टयूमर (World Brain Tumor Day 2022) कहा जाता है। जागरूकता और समय से इलाज कर इस खरतनाक बीमारी से बचा जा सकता है। मौजूदा वर्ष में वर्ल्ड ब्रेन टयूमर दिवस की थीम “टुगेदर वी आर स्ट्रांगर” रखी गयी है। अगर शरीर में पावर हाउस के रूप में मौजूद ब्रेन ही स्वस्थ नहीं रहेगा तो जीवन संकट में पड़ सकता है।

पहली बार वर्ष 2000 में मनाया गया World Brain Tumor Day

एक गैर-लाभकारी संगठन जर्मन ब्रेन ट्यूमर (World Brain Tumor Day 2022)एसोसिएशन (ड्यूश हिरनटूमोरहिल्फ़ ई.वी.) ने लोगों के बीच जागरूकता लाने के लिए इस दिन का चयन किया था। वर्ष 2000 में पहली बार इसी दिन यह दिवस मनाया गया था। वर्ष 1989 में Deutsche Hirntumorhilfe (ड्यूश हिरनटूमोरहिल्फ़ ई.वी.) की स्थापना हुई थी। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस संगठन के 500 से अधिक सदस्य 14 देशों मे हैं।

क्या है ब्रेन ट्यूमर? (World Brain Tumor Day)

मुख्यत: टयूमर कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि की वजह से बनी एक गांठ है। यह टयूमर भी प्रमुख तौर पर दो तरह के होते हैं। इनमें से एक को हल्का यानि कम घातक मतलब गैर—कैंसरयुक्त दूसरे को घातक यानि कैंसरयुक्त कहते हैं। जब कोशिकाओं की वृद्धि सामान्य होती है, तो उसे कम घातक कहते हैं। पर यदि यही कोशिकाएं असामान्य तौर पर बढने लगें तो उसे घातक या यानि कैंसरयुक्त टयूमर कहते हैं।

क्यों होता है ब्रेन का कैंसर?(World Brain Tumor Day)

इस बारे में अलग अलग मत हैं। पर अभी तक कोई विशेष कारण सामने नहीं आया है। जिसके आधार पर कहा जा सके कि ब्रेन टयूमर की मुख्य वजह क्या है। पर कुछ डाक्टरों का कहना है कि मौजूदा समय में मोबाइल जैसे गैजेट का उपयोग आम हो गया है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों के पास मोबाइल होना सामान्य बात है। इनसे होने वाले रेडिएशन की वजह से कैंसर के मामले बढ रहे हैं। कई डाक्टरों का यह भी कहना है कि विकिरण के संपर्क में लगातार रहने से यह बीमारी होती है। यह विकिरण एक्स—रे जैसी मशीनों से भी फैल सकता है। इस क्षेत्र में अभी भी रिसर्च चल रही है। अभी पक्के दावे के तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता है।

क्या हैं इसके लक्षण 

-दृष्टि संबंधी समस्याएं

-सिरदर्द

-दौरे

-उल्टी

-मानसिक परिवर्तन

-चलने, बोलने और सुनने में कठिनाई भी संभव

कैसे पता चलेगा ब्रेन टयूमर

-लक्षणों और इतिहास के आधार पर

-एमआरआई और सीटी स्कैन

-एंजियोग्राम द्वारा इमेजिंग तकनीक से।

-तंत्रिका संबंधी परीक्षा

-स्पाइनल टैप

कैसे होता है उपचार

-सर्जरी

-रेडियोथेरेपी

-कीमोथेरपी

-स्टेरॉयड

-वेंट्रिकुलर पेरिटोनियल शंट

आंकड़ों के मुताबिक ब्रेन ट्यूमर के ज्यादातर मरीज 9-12 महीनों के अंदर ही परेशानी उठाते हैं और उनकी जान चली जाती है। 3 साल से अधिक समय तक 3% से कम लोग जीवित रहते हैं। ऐसी स्थिति में इस बीमारी के प्रति जागरूकता बहुत जरूरी है। आप भी इस लेख को अपने दोस्तों, परिवार व अन्य लोगों के साथ जरूर शेयर करें। ताकि लोगों में इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैल सके।

स्रोत:—राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार