क्यों योगी आदित्यनाथ को कहा जाता है ‘बुलडोजर बाबा’?

क्यों योगी आदित्यनाथ को कहा जाता है ‘बुलडोजर बाबा’?

Why Yogi Adityanath is called Bulldozer Baba: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को बुलडोजर बाबा के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त हुई है। बुलडोजर फटाफट न्याय का प्रतीक बन गया है। बीते विधानसभा चुनाव के समय एकाएक बुलडोजर योगी शासन के कामकाज का प्रतीक बनकर उभरा। यह सीएम योगी का माफियाओं पर सख्त कार्रवाई का ही नतीजा था। उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर कई बार अपराधियों को चेतावनी भी दी थी। मुख्तार अंसारी जैसे माफियाओं और उनके गुर्गों पर कड़ी कारवाई होते हुए जनता ने इससे पहले नहीं देखा था। अपराध के खिलाफ योगी के सख्त रवैये की वजह से ही उनके कार्यकाल में अपराधियों की संपत्ति पर चला बुलडोजर, योगी सरकार के काम काज का प्रतीक बन गया।

माफियाओं पर मजबूत शासन का बुलडोजर

योगी सरकार की सत्ता में वापसी हुई, उन्होंने चेतावनी भी दी थी वह अपराधियों, माफियाओं और उनके गुर्गों पर मजबूत शासन का बुलडोजर चलाएंगे। यह संदेश जन जन तक पहुंचा। बस यहीं से उन्हें बुलडोजर बाबा कहा जाने लगा। विधानसभा चुनाव के दौरान अपने भाषणों में उन्होंने बुलडोजर का जिक्र किया था। एक जगह उन्होंने कहा था कि बुलडोजर का इस्तेमाल, एक्सप्रेस-वे और हाईवे बनाने के लिए किया जाता है। माफिया को कुचलने के लिए हम इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। जिन्होंने लोगों का शोषण अपनी संपत्ति बनाने के लिए किया।

बुलडोजर बीजेपी के लिए शुभंकर बन गया

भगवा पार्टी के कार्यकर्ता जब भाजपा के जीत का जश्न मनाते हैं तो वहां बुलडोजर एक प्रतीक के तौर पर जरूर दिखता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि बुलडोजर बीजेपी के लिए शुभंकर बन गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि सीएम योगी को ‘बुलडोजर बाबा’ उपनाम दिया गया है।

चुनाव में अखिलेश ने सीएम योगी पर हमला करते हुए कहा था बुलडोजर बाबा

उधर चुनाव के ही दरम्यान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर हमला बोलते हुए उन्हें बुलडोजर बाबा कहा था और यह भी कहा था कि वह चुनाव नहीं जीत पाएंगे। पर इसके उलट चुनाव में भाजपा को अजेय बढत हासिल हुई। यूपी में भाजपा ने 36 साल पुराना रिकार्ड तोड़कर दोबारा सत्ता में वापसी की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान ही कई सत्तासीनों के कई भ्रम भी तोड़ें।

सत्तासीनों के भ्रम पर भी चलाया बुलडोजर

पहले कहा जाता था कि यदि कोई सीएम अपने पद पर रहते हुए नोएडा जाता है तो वह अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाता है और आगामी चुनाव में भी उसे हार का सामना करना पड़ता है। पर अपने पहले कार्यकाल में ही सीएम योगी ने दर्जनों बार नोएडा का दौरा किया। उससे भी विपक्षी दलों का भ्रम टूटा। जनता के बीच एक नये विश्वास ने जन्म लिया। 2017 में सीएम बनने के बाद योगी ने अपराधियों व अवैध कब्जा करने वालों पर खूब बुलडोजर चलवाया। ऐसा दावा किया जाता है कि 67,000 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन माफियाओं के कब्जे से मुक्त हुई।

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