उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव का विश्लेषण

उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव का विश्लेषण

उत्तर प्रदेश के अधिकारियों में भगदड़ मच गई है। इस भगदड़ का पहला संकेत रामनगरी अयोध्या से आया, जहां परिवर्तन की लहर काफी पहले महसूस की जा रही थी। चुनाव की घोषणा के साथ ही अयोध्यावासियों ने कहना शुरू कर दिया था कि भाजपा को हराएंगे। योगी पहले अयोध्या सीट से लड़ने वाले थे, लेकिन शायद वे अवधपुरी की मंशा भांप गए और अपनी इज्जत बचाना बेहतर समझा। वे गोरखपुर लौट गए तो इस चर्चा को और बल मिला कि कम से कम वहां भाजपा हारेगी।

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कुछ दिन पहले अयोध्या के डीएम ने अपने आवास के बाहर लगे बोर्ड का भगवा रंग बदलवा दिया। इसके बाद लखनऊ में अखिलेश यादव से मिलने वालों की भीड़ लग रही है। यहां तक कि योगी के करीबी समझे जाने वाले अधिकारी भी अखिलेश से मिल रहे हैं या फोन पर बात कर रहे हैं। भास्कर लिख रहा है कि अब तक प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी अखिलेश यादव से मुलाकात कर चुके हैं।

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योगी सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों संभालने वाले एक सीनियर अधिकारी अखिलेश से बात करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन अखिलेश फिलहाल उनसे मिलना नहीं चाहते हैं। कई अधिकारी अखिलेश से मुलाकात कर चुके हैं। कई अधिकारी अखिलेश से सीधे संपर्क में हैं। कुछ तो ऐसे हैं जो अखिलेाश यादव के करीबी अधिकारियों के जरिये उनतक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।