UP politics news: अखिलेश के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है शिवपाल यादव का ये कदम

UP politics news: अखिलेश के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है शिवपाल यादव का ये कदम

UP politics news: यूपी में समाजवादी पार्टी की सियासत ने पिछले कुछ वर्षों में कई उतार चढाव देखे हैं। सपा परिवार की 2012 के चुनाव में रंग लाने वाली जुगलबंदी टूट चुकी है। राष्ट्रपति चुनाव के दरम्यान सपा और प्रसपा के बीच नये समीकरण बनें। अब सपा मुखिया अखिलेश यादव के चाचा व प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने एलान किया है कि वह अब सपा के साथ भविष्य में कोई रिश्ता नहीं रखेंगे। वह 2022 के चुनाव में सपा से गठबंधन को अपनी गलती मानते हैं। 2024 आम चुनावों के पहले शिवपाल यादव का यह ऐलान सपा के लिए मुसीबतें खड़ी कर सकता है। उसकी वजह भी साफ है।

चुनाव में सपा के खिलाफ खुलकर जमीन पर उतरने को तैयार शिवपाल (UP politics news)

शिवपाल यादव पहली बार सपा के खिलाफ चुनावों में जमीन पर उतरने को तैयार हैं। 2017 चुनाव के दरम्यान सपा परिवार में उपजे संकट के बाद से अब तक शिवपाल यादव बयान देते आए हैं। पर इस तरह सपा के खिलाफ जमीन पर उतरने का मन नहीं बनाया था।

सपा को निकाय चुनाव में भी घर से ही मिलेगी चुनौती?

उत्तर प्रदेश में अगला चुनाव निकायों का होना है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस सिलसिले में शनिवार, 3 सितंबर को सभी डीएम को तैयारी के बाबत निर्देश भी दिए हैं। निकाय चुनाव में भी शिवपाल यादव की पार्टी प्रसपा मैदान में उतरेगी। यह इस बात का संकेत है कि सपा के सामने मुसीबतें खड़ी होंगी। हालांकि पार्टी के बेस वोट बैंक पर इसका कितना असर पड़ेगा, यह निकाय चुनाव के समय ही पता चलेगा।

मैनपुरी से लोकसभा प्रत्याशी उतार सकती है प्रसपा

शिवपाल चाहते हैं कि वह आने वाले लोकसभा इलेक्शन में मैनपुरी से मैदान में उतरें। अब तक यहंा से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव चुनाव लड़ते रहे हैं। उनका कहना है कि यदि सपा संरक्षक मैनपुरी से चुनाव नहीं लड़ेंगे तो उनकी पार्टी तय करेगी कि किसे मैनपुरी से प्रत्याशी बनाना है। संकेत साफ है कि सपा के गढ मैनपुरी में भी शिवपाल, अखिलेश को घेरने से नहीं चूकेंगे। फिलहाल शिवपाल जसवंतनगर से खुद विधायक हैं। यह सीट मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में ही आती है। उनके समर्थकों का मानना है कि आने वाले चुनाव में जिस जगह पर पार्टी की स्थिति मजबूत होगी, उन सीटों पर प्रसपा अपने कैंडिडेट उतारेगी। ऐसे में सपा के वोट बैंक में सेंध लग सकती है।

ये है शिवपाल यादव की रणनीति (UP politics news)

शिवपाल यादव ने यदुकुल पुनर्जागरण मिशन शुरू करने का एलान किया है। इसका मकसद यादव व अन्य पिछड़ी जातियों को एकजुट करना है। पूर्व सांसद डीपी यादव को मिशन का संरक्षक व अध्यक्ष घोषित किया गया है। इस मिशन के जरिए शिवपाल यादव, सपा के बेस वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं। यह 2024 चुनाव के पहले प्रसपा की तरफ से उठाया गया एक बड़ा रणनीतिक कदम बताया जा रहा है। हालांकि प्रसपा समर्थकों का कहना है कि यह मिशन सिर्फ यादव व अन्य पिछड़ी जातियों के जागरण के लिए शुरू किया गया है। किसी सियासी दल के विरोध इसका मकसद नहीं है।

मिशन करेगा ये काम

यादव, कुर्मी समेत पिछड़े वर्गों की जातियों के हितों के लिए संघर्ष।
यूपी, बिहार, राजस्थान, झारखंड और तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों में भी होगा काम।
यदुकुल की जातियों के लिए संघर्ष करेगा मिशन।
जातीय जनगणना और अहिर रेजिमेंट का गठन के लिए संघर्ष करेगा मिशन।