स्टाफ नर्स शॉल खरीदने में व्यस्त, मरीज की उखड़ने लगी साँस

स्टाफ नर्स शॉल खरीदने में व्यस्त, मरीज की उखड़ने लगी साँस

कानपुर में हैलट के मेडिसिन वार्ड नम्बर 11 में स्टाफ नर्सों की लापरवाही एक मरीज पर भारी पड़ गई। हालांकि मरीज के पड़ोसी तीमारदारों ने ऑक्सीजन की व्यवस्था करके मरीज की जान बचाई। स्टाफ नर्स शॉल खरीदने में व्यस्त रहीं।

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वार्ड नम्बर 11 के गैलरी में 18 वर्षीय मौदहा निवासी राजेन्द्र तीन दिन पूर्व भर्ती कराया गया है। वह लावारिस हाल में भर्ती कराया गया था मगर उसकी मां गुरुवार तड़के आ गई। राजेन्द्र को छोटा ऑक्सीजन सिलेंडर लगा हुआ था। उसकी ऑक्सीजन खत्म हो गई थी। मरीज ऑक्सीजन के बगैर लम्बी सांस ले रहा था।

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अचानक वह बेड से गिरने लगा तो पड़ोसी तीमारदारों की नजर पड़ी। दौड़कर उसे बेड पर सीधा किया इस बीच उसकी आंख पलट गई थी। लोगों ने स्टाफ नर्सों से कहा कि ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हो गया। नर्सों ने इसे अनसुना कर दिया। कुछ युवकों ने हंगामा किया तो नर्सों ने कहा कि दूसरे वार्ड से सिलेंडर नहीं ला सकते। दूसरा इंतजाम करना होगा।

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इस बीच प्रयागराज से अपने रिश्तेदार को देखने आए शानू दूसरे वार्ड जाकर वहां खाली पड़ा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उठा लाए। और खुद ही लगा दिया। शानू का कहना है कि दो घंटे से अधिक समय से मरीज ऑक्सीजन के बगैर पड़ा रहा। अगर थोड़ी देर हो जाती तो उसकी जान जा सकती थी। प्रमुख अधीक्षक हैलट प्रो. आरके मौर्या का कहना है कि स्टाफ नर्सों की लापरवाही की शिकायतें मिल रही हैं। वार्ड में गर्म कपड़ों की खरीदारी ठीक नहीं है। इसकी जांच होगी।