Single Use Plastic Ban: यूपी में सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक के लिए और कड़ी शर्तें लागू करने की तैयारी

Single Use Plastic Ban: यूपी में सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक के लिए और कड़ी शर्तें लागू करने की तैयारी

Single Use Plastic Ban: यूपी में प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध के लिए दैनिक शर्तों के साथ और कड़े प्रावधान किए जाएंगे, नयी शर्तें जुड़ेंगी। उन नियमों को यूपी में कठोरता से लागू करने की तैयारी है। नगर विकास मंत्री ए के शर्मा ने अधिकारियों को इस सिलसिले में निर्देश दिए हैं।

Single Use Plastic Ban: केंद्र व प्रदेश की सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगायी

केंद्र व प्रदेश की सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक (Single Use Plastic) के इस्तेमाल पर रोक लगायी है। पर इसको जमीन पर उतारने के लिए आम जन को इस योजना से जुड़ना होगा। यूपी सरकार ने इसकी जागरूकता के लिए 29 जून से 3 जुलाई तक अभियान भी चलाया। इस अभियान को “RACE” फॅार सिंगल-यूज प्लास्टिक फ्री उत्तर प्रदेश, नाम दिया गया। तीन जुलाई को अन्तर्राष्ट्रीय प्लास्टिक कैरी बैग मुक्त दिवस के मौके पर ‘उत्तर प्रदेश प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन कॉन्क्लेव-2022’ विषय पर कार्यशाला भी हुई।

Single Use Plastic Ban: प्लास्टिक के इस्तेमाल से प्रकृति की रिसाइकिलिंग व्यवस्था पर असर

इस कॉन्क्लेव की थीम 3R’s-Reuse, Recycle, Reduse रही। मंत्री ए के शर्मा ने लोगों को 3R’s को दैनिक जीवन में अपनाने की सलाह दी। दुनिया भर में नये नये अविष्कार होते रहें, पर समाज सामान्य चीजों को Reduse करने की आदत भूल गया। प्लास्टिक के इस्तेमाल से प्रकृति की रिसाइकिलिंग व्यवस्था पर असर पड़ता है।

Single Use Plastic Ban: हाड्रोकार्बन व पेट्रो केमिकल्स से प्लास्टिक

खतरनाक रसायन हाड्रोकार्बन व पेट्रो केमिकल्स से प्लास्टिक बनाया जाता है। फेकने से यह मिट्टी में मिल जाता है। पानी में डाला जाता है तो यह बहकर नदियों व समुद्र में जाता है। प्लास्टिक कचरे को गाय, मछलियों व अन्य जीव खाते हैं, जिसका असर मानव तक होता है। इसलिए प्लास्टिक के विकल्पों का प्रयोग जरूरी है।

Single Use Plastic Ban: पांच हजार क्विंटल प्लास्टिक का निस्तारण

सरकारी आकंड़ों के मुताबिक पांच दिवसीय अभियान में पांच हजार क्विंटल प्लास्टिक का निस्तारण हुआ। प्लास्टिक बायोडिग्रेडेबल नहीं है। इस वजह से यह 500 वर्ष तक नष्ट नहीं होता। माइक्रो कण मिट्टी, पानी में मिल जाता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेश में एक माह के भीतर ही प्लास्टिक के प्रयोग में कमी दिखेगी।

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