शतचंडी महायज्ञ व संगीतमय रामकथा: आचार्य सत्यजीत पांडेय ने कहा-समय सबसे बलवान

शतचंडी महायज्ञ व संगीतमय रामकथा: आचार्य सत्यजीत पांडेय ने कहा-समय सबसे बलवान

लखनऊ। राजधानी के गोमतीनगर विस्तार स्थित राम कथा पार्क के निकट शिव शक्ति सेवा संस्थान एवं धर्मार्थ ट्रस्ट के तत्वाधान में शतचंडी महायज्ञ एवं संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया है। यह यज्ञ 26 सितंबर से चार अक्टूबर तक चलेगा। यज्ञ में प्रतिदिन लाखों की संख्या में आहुतियां दी जा रही हैं। सांय काल में राम कथा का आयोजन होता है।

Shatchandi Mahayagya and Ram Katha Acharya Satyajit Pandey said Time is the most powerful

भाई के लिए राज्य त्यागने वाला ही राम

राम​ कथा में कथा वाचक आचार्य सत्यजीत पांडेय ने कहा कि भाई के लिए राज्य त्यागने वाला ही राम है, और जो राज्य के लिए भाई को त्याग दे वही रावण है। जीव कैसा भी हो, पर उसकी पात्रता राम जैसी होना चाहिए। भगवान रेत पर सोते थे, फिर भी प्रसन्न थे और हम सब मोटे—मोटे गद्दो पर भी सोकर दुखी हैं। कथा वक्ता आचार्य सत्यजीत पांडेय ने रामचरित मानस के विविध पक्षों की सरल व्याख्या करते हुए कहा कि मां सीता के स्वंयवर में धनुष यज्ञ के दौरान कहा गया है कि, ”विश्वामित्र समय शुभ जानी”, यानि कि समय सुंदर आने पर भगवान श्रीराम ने गुरू (विश्वामित्र) के आदेश पर धनुष तोड़ा। उसके पहले अन्य ने धनुष तोड़ा तो धनुष टूटने का समय नहीं हुआ था, अर्थात समय ही सबसे बलवान है, समय ही सबको तोड़ देता है और बनाता भी है।

Shatchandi Mahayagya and Ram Katha Acharya Satyajit Pandey

कलियुग में सिर्फ राम नाम का आश्रय लेकर पार किया जा सकता है संसार सागर

कथा वाचक सत्यजीत पांडेय ने श्रद्धालुओं के प्रश्नों का समाधान करते हुए बताया कि कलियुग में सिर्फ भगवान के नाम का आश्रय लेकर ही सहज़ भाव से संसार सागर को पार किया जा सकता है, लेकिन व्यक्ति में श्रद्धा और दृढ विश्वास होना चाहिए, तभी संशय की निवृत्ति होती है। संशय के रोग और माया के प्रभाव से बचने का एकमात्र ‘राम’ नाम ही साधन है। इस कलिकाल मे व्यक्ति मोह और माया से इतना बंधा पड़ा है कि वह सहज़ भाव से भी ईश्वर का नाम ही नहीं ले पाता है। राम कथा के दौरान कलाकारों द्वारा भगवान् की झांकी का प्रस्तुतिकरण किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रदेश के पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, अखिल भारतीय ब्राहमण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी समेत अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहें।

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