अफगानिस्तान को लेकर साथ काम करने की जरूरत

अफगानिस्तान को लेकर साथ काम करने की जरूरत

भारतीय विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर ने रूस, भारत और चीन (RIC) देशों से आतंकवाद, कट्टरता पर एक साथ काम करने की बात कही हैं। उन्होंने बिना किसी दिक्कत और राजनीति के अफगानिस्तान को मानवीय सहायता पहुंचाने में मदद करने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।

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वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा है कि रूस, भारत और चीन जैसे देशों के लिए आतंकवाद, कट्टरता और मादक पदार्थों की तस्करी आदि के खतरों पर अपने-अपने दृष्टिकोण का समन्वय करना महत्वपूर्ण है। हमें एक साथ काम करने की जरूरत है ताकि मानवीय सहायता बिना किसी रुकावट और राजनीतिकरण के अफगानिस्तान तक पहुंचे।

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जयशंकर ने आगे बताया कि भारत ने अफगानिस्तान की मदद के लिए 50 मीट्रिक टन गेहूं भेज रहा है। काफी टाल-मटोल करने के बाद पाकिस्तान ने वाघा बॉर्डर के जरिए अफगानिस्तान को सहायता भेजने की इजाजत दी है। उन्होंने आगे कहा कि भारत अफगानिस्तान में समावेशी और प्रतिनिधि सरकार और यूनाइटेड नेशंस 2593 के अन्य प्रस्तावों का भी समर्थन करता है।

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बता दें कि भारत ने अब तक तालिबान सरकार को मान्यता नहीं दी है लेकिन अफगान लोगों की मदद करने की इच्छा जताई है। भारत ने हाल ही में मास्को में अफगानिस्तान पर हुई बैठक में भी भाग लिया है। इसके अलावा, भारत ने पिछले महीने नई दिल्ली में एनएसए स्तर पर अफगानिस्तान पर एक बैठक की मेजबानी की है।