Mulayam Singh yadav: नेता जी के पार्थिव शरीर का सैफई में ही आम जन कर सकेंगे अंतिम दर्शन, गांव में होगा अंतिम संस्कार

Mulayam Singh yadav: नेता जी के पार्थिव शरीर का सैफई में ही आम जन कर सकेंगे अंतिम दर्शन, गांव में होगा अंतिम संस्कार

Mulayam Singh Yadav Death: सपा संरक्षक और यूपी के पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव का मंगलवार को 82 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले कई दिनों से गुरुग्राम के मेदांता हास्पिटल में एडमिट थे। अस्पताल में सुबह 8:15 पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सुनते ही परिवारजन और समर्थक शोकाकुल हो गए।

उनके गांव सैफई में दोपहर तीन बजे होगा अंतिम संस्कार

मुलायम सिंह यादव (नेता जी) के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार सैफई में होगा। नेता जी का पार्थिव शरीर 11.30 बजे मेदांता अस्पताल से यमुना एक्सप्रेस—वे और आगरा लखनऊ एक्सप्रेस—वे से होकर करहल कट से सैफई ले जाया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार 11 अक्टूबर को अपरान्ह तीन बजे सैफई में होगा। आम जनों के अंतिम दर्शन के लिए नेता जी का शव उनके सैफई आवास पर रखा जाएगा और कल सैफई पांडाल में रखा जाएगा। पार्टी के महासचिव प्रो रामगोपाल यादव ने यह जानकारी दी है।

समाजवादी पार्टी के टिवटर हैंडल से दी गयी आधिकारिक जानकारी

समाजवादी पार्टी के टिवटर हैंडल से कहा गया है कि नेताजी का आज दिनांक 10/10/2022 को सुबह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। उनके पार्थिव शरीर को सैफ़ई ले जाया जा रहा है। कल दिनांक 11/10/2022 को दोपहर तीन बजे सैफई में अंतिम संस्कार होगा।

मुलायम सिंह का राजनीतिक सफर

1967: में वह उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य चुने गए।
1977: में वह पहली बार उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री बने।
1980: में, वह लोक दल के अध्यक्ष बने।
1982 से 1985: तक, उन्होंने उत्तर प्रदेश विधान परिषद में विपक्ष के नेता के रूप में पद संभाला।
1989: में, वह पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।
1990: में, वह चंद्रशेखर की पार्टी जनता दल (समाजवादी) में शामिल हुए।
1992: में, उन्होंने समाजवादी पार्टी (सोशलिस्ट) की स्थापना की।
1993: में, वह दूसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।
1996: में, वह मैनपुरी क्षेत्र से 11 वीं लोकसभा के सद्स्य चुने गए थे।
1999: में, वह संयुक्त मोर्चा गठबंधन सरकार के अंतर्गत भारत के रक्षा मंत्री बने।
1999: में, उन्होंने दो लोकसभा सीटों – संभल, कन्नौज से चुनाव लड़ा और दोनों ही सीटें जीतीं।
2003: में, वह तीसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।
2004: में, उन्होंने 183,8 99 वोटों के अंतर से गन्नौर विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की थी, जो अब तक की सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड माना जाता है।
2004: में, उन्होंने मैनपुरी क्षेत्र से लोकसभा चुनाव जीता।
2014: में, उन्होंने 16 वीं लोकसभा चुनाव के दौरान दो सीटों आज़मगढ़, मैनपुरी से चुना लड़ा और दोनों ही सीटों पर जीत दर्ज की।

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