Kawad Registration 2022: Kanwar Yatra के लिए इस पोर्टल पर कराएं रजिस्ट्रेशन, जानें पूरी प्रक्रिया

Kawad Registration 2022: Kanwar Yatra के लिए इस पोर्टल पर कराएं रजिस्ट्रेशन, जानें पूरी प्रक्रिया

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यदि आप कांवड़ यात्रा के लिए जाना चाहते हैं तो पहले आपको उत्तराखंड पुलिस के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय की तरफ से रजिस्ट्रेशन पोर्टल बनाया गया है। डीजीपी अशोक कुमार ने पंजीकरण कराकर ही श्रद्धालुओं से कावड़ यात्रा में शामिल होने की अपील की है। यह रजिस्ट्रेशन कावड़ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाएगा।

कांवड़ यात्रा कैसे करें (how to travel kanwar) (Kawad Registration 2022)

आप कांवड़ यात्रा कैसे करें। इस ट्रेंडिग टापिक पर ये आर्टिकल प्रकाशित किया गया है। आप कांवड़ यात्रा रजिस्ट्रेशन कैसे करें। कांवड़ यात्रा किस डेट से स्टार्ट हो रही है और किस तारीख को खत्म होगी। इससे संबंधित सभी जानकारी के लिए कृपया यह पोस्ट पढें।

Kawad Registration 2022 Online: उत्तराखंड पुलिस ने जारी की वेबसाइट (policecitizenportal.uk.gov.in/Kavad)

कांवड़ यात्रा के सिलसिले में हरिद्वार आने वाले भक्तों के लिए उत्तराखंड पुलिस ने वेबसाइट जारी की है। इस पर वह अपना पंजीकरण करा सकते हैं। यात्रियों को यात्रा पर आने से पहले अपना पंजीकरण कराना होगा। उत्तराखंड पुलिस ने यात्रियों से ऐसी अपील की है। उत्तराखंड पुलिस ने चारधाम यात्रा की तरह कांवड़ यात्रियों से पंजीकरण की अपील की है। उत्तराखंड पुलिस द्वारा जारी वेबसाइट https://policecitizenportal.uk.gov.in/Kavad पर जाकर कांवड़ियों को अपना पंजीकरण कराना होगा।

Kawad Registration 2022 Online के लिए अपनाने हैं ये स्टेप

-वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन (Kanwar registration) के लिए कांवड़ियों को सिर्फ तीन स्टेप अपनाने हैं।

-वेबसाइट पर जाएं और अपना मोबाइल नम्बर दर्ज करें।

-नम्बर के वेरीफिकेशन के लिए मोबाइल नम्बर पर प्राप्त ओटीपी को मोबाइल में दर्ज करें।

-फिर आपके सामने एक पेज खुलेगा।

-पंजीकरण का लिंक क्लिक करने के बाद विवरण भरें।

यात्रा पर जाने से पहले Kawad Registration 2022 Online करें

एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि कांवड़िए यात्रा पर आने से पहले अपना रजिस्ट्रेशन (Kanwar registration) जरूर करें। इससे यात्रा में सुगमता होगी ही पुलिस प्रबंधन भी आसान होगा। आपको बता दें कि श्रावण मास में बड़ी संख्या में कांवड़िए उत्तराखंड जाते हैं। कांवड़िए ऋषिकेश, केदारनाथ के साथ बदरीनाथ धाम भी जाते हैं। नीलकंठ महादेव मंदिर के दर्शन को भी भीड़ उमड़ती है। कोरोना महामारी के चलते अब तक प्रतिबंध था। इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार ज्यादा लोग श्रावण मास में उत्तराखंड की यात्रा पर आ सकते हैं।

क्या है पुलिस सिटीजन पोर्टल ? (policecitizenportal.uk.gov.in)

नागरिकों को असुविधा न हो, इसलिए उत्तराखंड पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। सिटीजन पोर्टल (policecitizenportal.uk.gov.in) के माध्यम से क्राइम और क्रिमिनल का डेटा सुरक्षित रहता है। यह केंद्र सरकार की CCTNS यानि “अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम” तकनीक आधारित अहम येाजना है। इसी पोर्टल के माध्यम से अब कांवड़ यात्रियों को आने से पहले रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा जा रहा है। ताकि कावंड़ यात्रा के समय उत्तराखंड में कानून व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त रखा जा सके।

क्या है ई-पास? (What is e-pass)

उत्तराखंड सरकार उन लोगों के लिए ई-पास जारी कर रही है, जो बैंकिंग, स्वास्थ्य, दुकानों, निर्माण, भंडारण, परिवहन और मीडिया से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने में जुटे हुए हैं। सरकार इन लोगों के लिए ई पास की सुविधा उपलब्ध करा रही है ताकि उन्हें अपने काम करने में कोई असुविधा न हो।

कावड़ यात्रा 2022 रजिस्ट्रेशन के ये हैं फायदे (Kawad Yatra 2022 Registration Online Benefits)

-यदि आप कांवड़ यात्रा पर जाने से पहले अपना रजिस्ट्रेशन (Kawar Yatra 2022 Registration Online)करा लेते हैं तो कांवड़ मेले में शामिल होने में आसानी होगी। चूंकि वहां पर देश भर से कांवरिए इकटठे हो रहे हैं। वहां भीड़ काफी ज्यादा होगी। ऐसे समय में यदि आप भीड़ में कोई परेशानी महसूस करते हैं तो आप इसकी सूचना उत्तराखंड पुलिस को दे सकते हैं और तब उसे आपकी परेशानी को हल करने में सुविधा होगी।

-रजिस्ट्रेशन कराने से आपको कई लाभ होते हैं। यदि भीड़ में आपका वाहन गुम हो जाता है तो वह उस पर भी उचित कार्रवाई कर सकते हैं।

-यदि आपके समूह के लोग यात्रा के दौरान आपसे बिछड़ जाते हैं तो रजिस्ट्रेशन होने की स्थिति में आपके लिए उनसे दोबारा मिलना आसान होगा। आप उत्तराखंड पुलिस से सम्पर्क साध सकते हैं।

-किसी भी तरह की अप्रिय घटना की सूचना पुलिस कांवरिए के घर वालों को उपलब्ध करा सकती है। पर यह तभी संभव है। जब उस कांवरिए का रजिस्ट्रेशन हो।

Kanwar Yatra 2022-Kawad Yatra 2022- Starting & Ending date

इस वर्ष कांवड़ यात्रा 14 जुलाई से शुरू होकर 26 जुलाई तक चलेगी। कांवरियों के भारी संख्या में उत्तराखंड जाने की संभावना है। यह यात्रा उत्तराखंड सरकार के सहयोग से हो रही है। पिछले दो वर्ष कोरोना महामारी की वजह ये यह यात्रा स्थगित थी। पर अब कोरोना महामारी का कहर कम होने के बाद पहली बार यह यात्रा शुरू हो रही है। इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि कांवड़ यात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल होंगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस यात्रा में तीन से चार करोड़ लोग शामिल होंगे।

कावड़ यात्रा 2022 रूट (What is kavad yatra route 2022)

कावंड़ यात्रा के दौरान शिव भक्त बड़ी संख्या में उत्तराखंड जाते हैं। कांवरिए धर्मनगरी से ऋषिकेश के साथ केदारनाथ और बद्रीनाथ की भी यात्रा करते हैं।

Overview of Kanwar Yatra

Name of the festive Kanwar Yatra – Kavad Yatra
Year 2022
Title kavad yatra registration online 2022 – kanwar yatra- police-citizen portal.uk.gov.in Kavad e-pass
Arranged by Uttarakhand Govt
Kavad yatra 2022 start and ending date Start date is 14th July 2022  and end date is 26th July 2022
Registration Mode Online
Registration Date available
Estimated participants 3-4 cr.
Registration fees Free
Kanwar Yatra – Kavad Yatra 2022-Routes Saharanpur-Shamli-Meerut-Ghaziabad- Haridwar- Gomukh-Gangotri-Kanwariyas, 
Kanwar Yatra – Kavad Yatra 2022- devotes to Lord Shiva, Mahadev
website policecitizenportal.uk.gov.in

Frequently Asked Question (FAQ)

1-कांवर यात्रा की शुरूआत कैसे हुई थी?

-कांवड़ यात्रा की शुरूआत कैसे हुई थी, इसको लेकर अलग अलग मान्यताएं प्रचलित हैं। हिंदू धर्मग्रंथों की मान्यताओं के अनुसार त्रेतायुग में शिवभक्त रावण ने कांवड़ का उपयोग गंगा जल लाने के लिए किया था और शिव लिंग पर चढाया। एक अन्य मान्यता है कि भगवान परशुराम (उन्हें शिव का अवतार कहा जाता है) ने श्रावण के महीने में पहली बार कांवड़ यात्रा की थी। तभी से शिवभक्त यह यात्रा करते हैं। एक अन्य कथा के मुताबिक श्रवण कुमार ने अपने मां और पिता को कांवड़ में रखकर तीर्थ यात्रा करायी थी। उनके पिता भी कांवड़ में गंगा जल लाए थे और उन्होंने उसे शिवजी को अर्पित किया था। मान्यता है कि श्रावण या सावन के महीने में गंगा जल अर्पित करने से महादेव (भगवान शिव) प्रसन्न होते हैं।

2-कांवड़ यात्रा के नियम क्या हैं?

-कांवड़ यात्रा के कड़े नियम हैं। पहले तो यह यात्रा पैदल ही की जाती है। यात्रा के दौरान आहार सात्विक होना चाहिए। मांसाहार और शराब इत्यादि खादय पदार्थ आहार में शामिल नहीं होने चाहिए। कांवड़ को पूरी यात्रा के दौरान जमीन पर रखना निषेध है। यदि कांवड़ यात्री को विश्राम करना होता है तो वह कांवड़ को पेड़ पर लटका कर रखते हैं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो फिर दोबारा गंगाजल भरकर यात्रा शुरू करनी होती है। मान्यता है कि आपकी मनोकामना तभी पूरी होगी, जब आपने जिस शिव मंदिर में जल अर्पित करने का संकल्प लिया है। उस मंदिर तक गंगा जल कांवड़ में भरकर पैदल ही पहुंचा जाए और भगवान शिव को अर्पित किया जाए।

3-कांवड़ क्या होता है?

-कांवड़, एक डंडेनुमा बांस होता है, जिसके दोनों तरफ बंधे घड़ों में गंगाजल भरा होता है। जिसे लेकर कांवरिए पैदल ही कावंड़ यात्रा करते हैं।

4-कांवड़ यात्रा कब से शुरू हो रही है?

-इस वर्ष (2022) कांवड़ यात्रा 14 जुलाई से शुरू हो रही है।

5-कांवड़ यात्रा कब तक चलेगी?

-इस वर्ष (2022) कांवड़ यात्रा 26 जुलाई तक जारी रहेगी।

6-क्या इस वर्ष कांवड़ यात्रा की अनुमति है?

-जी हां, इस वर्ष 14 से 26 जुलाई तक कांवड़ यात्रा की अनुमति है।

7-कांवड़ यात्रा शुरू करने के लिए क्या करना चाहिए?

-कांवड़ यात्रा शुरू करने के लिए पहले उत्तराखंड पुलिस की वेबसाइट (https://policecitizenportal.uk.gov.in/Kavad) पर रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए और फिर कांवड़ यात्रा शुरू करना चाहिए।

8-कांवड़ यात्रा किस महीने में की जाती है?

-कांवड़ यात्रा सावन के महीने में ही की जाती है।

9-कांवड़िया या कांवरिया किसे कहते हैं?

-जो शिवभक्त गंगा नदी से पवित्र जल भरकर शिव मंदिर तक जल चढाने के लिए निकलते हैं। उनको कांवड़िया या कांवरिया कहते हैं।

Kawad Yatra 2022 Registration Online: कांवड़ियों को Uttarakhand जाने से पहले इस https://policecitizenportal.uk.gov.in/Kavad पर कराना होगा रजिस्ट्रेशन