In Pregnancy Diet Chart: स्वस्थ बच्चे के लिए गर्भावस्था में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, सुबह के नाश्ते में किस तरह का खान पान जरूरी जानिए वह सब कुछ जो आपके लिए है जरूरी

In Pregnancy Diet Chart: स्वस्थ बच्चे के लिए गर्भावस्था में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, सुबह के नाश्ते में किस तरह का खान पान जरूरी जानिए वह सब कुछ जो आपके लिए है जरूरी

In Pregnancy Diet Chart: गर्भावस्था के समय महिलाओं को क्या खाना चाहिए? प्रेग्नेंसी (Symptoms Of Pregnancy In Hindi)के समय हर महिला के मन में यही सवाल होता है। इस समय महिलाओं को अपने खाने की आदतों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसका असर सीधे गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है। वैसे भी अक्सर बुजुर्गों से आपने सुना होगा कि जैसा अन्न, वैसा मन। यह उक्ति गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे पर बिल्कुल सटीक बैठती है। भोजन का असर हमारे शरीर के साथ मानसिक स्तर पर भी पड़ता है। संतुलित भोजन (about pregnancy diet) हमें शारीरिक और मानसिक रूप से संतुलित बनाए (pregnancy diet in hindi) रखने में मददगार साबित होता है। इसलिए अपने डेली रूटीन में गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक भोजन की श्रृंखला का अपनाना चाहिए।

सुबह का भोजन रखता है बहुत मायने (About Pregnancy Diet) (In Pregnancy Diet Chart)

आप सुबह के समय क्या खाने में इस्तेमाल करते हैं। प्रेग्नेंसी के समय यह बहुत मायने रखता है। इस समय आपका भोजन हल्का और सुपाच्य होना चाहिए। ताजा और पौष्टिकता से भरपूर भोजन से आप पूरे दिन खुद को फ्रेश महसूस करती हैं। वैसे कोरोना महामारी (Corona Virus)आने के बाद लोगों के जीवनचर्या में काफी बदलाव आ चुका है। तमाम लोग सुबह उठने के बाद गर्म पानी पीते हैं। कुछ लोग नींबू पानी, हल्दी पानी, जीरा पानी, अजवायन पानी या मेंथी पानी भी पीते हैं। पर प्रेग्नेंसी की स्थिति में आपको डाक्टर से सलाह के बाद ही इस तरह के पानी का सेवन करना चाहिए। (early signs of pregnancy)

प्रेग्नेंसी में सुबह के समय ले सकते हैं ये आहार (In Pregnancy Diet Chart)

गर्भावस्था के दौरान आप खाली पेट फल का सेवन कर सकते हैं। फल से प्रेग्नेंट महिलाओं के शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। इनमें विटामिन सी, बी, ए के साथ आयरन, कैल्शियम और फाइबर भी पर्याप्त मात्रा में होता है। यह गर्भवती महिलाओं और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए बेहतर (pregnancy diet in hindi)  माना जाता है। पर सुबह खाली पेट आप खटटे फलों का सेवन करने से बचें। इनमें नींबू, आंवला और कीवी जैसे फल आते हैं। डाक्टर की सलाह के बाद ही साइट्रस फलों का सेवन करें, क्योंकि इन फलों के सेवन के बाद लोगों को एसिडिटी की प्राब्लम होती है। सुबह के समय फलों के जूस का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। (signs of pregnancy)

अखरोट व बादाम से बच्चा होगा ताकतवर (In Pregnancy Diet) (In Pregnancy Diet Chart)

प्रेग्नेंसी में सुबह खाली पेट नटस का भी प्रयोग किया जा सकता है। सेहत के लिए नटस बहुत ही फायदेमंद होते हैं। गर्भवती महिलाएं सुबह अखरोट, काजू, बादाम और मूंगफली का सेवन कर सकती हैं। इनमें कैल्शियम, फाइबर, अमीनो एसिड, जिंक आदि भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यदि इन नटस को आप रात में सोने से पहले भिगो देते हैं और सुबह खाली पेट इनका सेवन करते हैं तो यह आपके जच्चा और बच्चा दोनों के लिए फायदेमंद साबित होता है। पूरे दिन उर्जा बनी रहती है और महिला खुद को फ्रेश महसूस करती है। (early pregnancy symptoms)

साबुत अनाज भी फायदेमंद (In Pregnancy Diet Chart)

गर्भवती महिलाओं के लिए साबूत अनाज भी खासे फायदेमंद माने जाते हैं। इसमें फाइबर के साथ विटामिन और प्रोटीन अच्छी खासी मात्रा में होता है, यह शरीर के लिए काफी उपयोगी साबित होता है। आप सुबह दलिया का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ओट्स व ब्राउन ब्रेड भी खाया जा सकता है। इनके इस्तेमाल से पाचन का सिस्टम दुरूस्त रहता है। (very early signs of pregnancy 1 week)

पोहा और उपमा भी बन सकता है विकल्प 

नाश्ते में यदि आप हल्का भोजन (pregnancy diet in hindi) करेंगे तो पूरे दिन खुद को तरोताजा महसूस करेंगे। मन के साथ शरीर भी प्रफुल्लित रहता है। पोहा या उपमा आप सुबह के समय ले सकते हैं। यह भी सेहत के लिए काफी उपयोगी माना जाता है। फ्रूट्स स्मूदी का भी सेवन किया जा सकता है। इनमें चिया, कद्दू सीड्स और फ्लैक्स सीड्स को मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। सुबह के नाश्ते में बेसन का चिला या मूंग दाल भी फायदेमंद साबित होता है। यह आपको दिन भर की गतिविधियों के लिए जरूरी उर्जा देता है। (ectopic pregnancy symptoms)

साउथ इंडियन खाने के शौकीन इसे कर सकते हैं इस्तेमाल (In Pregnancy Diet)

बहुत सी महिलाएं दक्षिण भारतीय भोजन करने की शौकीन होती हैं। यदि आपको भी साउथ इंडियन खाना अच्छा लगता है तो आप सुबह के समय नाश्ते में सांभर के साथ इडली ले सकती हैं। सुबह के नाश्ते का यह भी एक अच्छा विकल्प है। आपकी सेहत को इससे अच्छा फायदा होता है। (3 days pregnant symptoms)

शिशु के विकास में प्रोटीन का अहम किरदार

प्रोटीन युक्त आहार भी सुबह के नाश्ते में गर्भवती महिलाओं के लिए बेहतर होता है। शिशु के विकास में प्रोटीन की भूमिका अहम होती है। दाल भी प्रोटीन का बेहतर विकल्प होता है। प्रोटीन युक्त चीजें सुबह के नाश्ते में लेना फायदेमंद साबित हो सकता है। (early pregnancy discharge)

बादाम और अखरोट के साथ दूध देता है नयी उर्जा

दूध में कैल्श्यिम की ज्यादा मात्रा पायी जाती है। परम्परागत तौर पर भी गर्भवती महिलाओं को दूध पीने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह स्वास्थ्यवर्धक होता है। रात को भिगाए गए बादाम और अखरोट के साथ दूध शरीर को नयी उर्जा देता है। दही का भी प्रयोग किया जा सकता है। (symptoms of pregnancy in first month)

प्रेग्नेंसी में सुबह खाली पेट इन खादय पदार्थों का सेवन नहीं करने की दी जाती है सलाह 
खाली पेट काफी पीने से शिशु की सेहत पर पड़ सकता है असर (pregnancy diet in hindi) 

प्रेग्नेंसी में खाली पेट काफी पीने से बचना चाहिए। इसका असर शिशु की सेहत पर पड़ सकता है, क्योंकि काफी में कैफीन पाए जाने का स्तर ज्यादा होता है। गर्भवती महिलाओं को इससे बचने की कोशिश करनी चाहिए। (pregnancy symptoms before missed period)

सर्दी-जुकाम की रहती हो शिकायत तो इससे बचे

सामान्य तौर पर ज्यादातर लोगों को सर्दी—जुकाम की शिकायत बहुत जल्दी होती है। ऐसे में उन्हें इस बात का ख्याल रखना जरूरी है कि सुबह के समय खाली पेट ऐसी ठंडी चीजों का इस्तेमाल न करें। जिसकी वजह से सर्दी—जुकाम की समस्या हो। खासकर गर्भवती महिलाओं को सुबह के समय ठंडे तासीर वाले फलों को खाने से दूर रहना चाहिए। इसका सेवन आप दोपहर में कर सकते हैं। उस समय इसके सेवन का आपके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना नहीं रहेगी। (first week pregnancy symptoms)

तले भुने खादय पदार्थों से करे परहेज

प्रेग्नेंसी के समय तले भुने खादय पदार्थों को नजरअंदाज करें तो आपके लिए बेहतर होगा, क्योंकि तले भुने या तैलीय खादय पदार्थ आपके स्वास्थ्य के लिए सही नहीं होता है। इनसे शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी प्राप्त नहीं होते हैं और तैलीय पदार्थों को खाने से से शरीर में रोग होने का खतरा बना रहता है। (first signs of pregnancy)

डिब्बाबंद फूडस हेल्थ के लिए सही नहीं

आपके स्वास्थ्य के लिए यह जानकारी बहुत जरूरी है कि डिब्बाबंद फूडस काफी समय तक प्रिजर्व करके रखे जाते हैं। ज्यादा दिनों तक डिब्बाबंद खादय पदार्थों को प्रिजर्व रखने के लिए प्राइवेट कम्पनियां तमाम तरह के रसायनों का इस्तेमाल करती हैं। यदि आप प्रग्नेंट हैं और डिब्बांद भोजन का इस्तेमाल कर रही हैं तो यह आपके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। इनका इस्तेमाल सुबह खाली पेट ही नहीं बल्कि किसी भी समय करना स्वास्थ्य के लिए हितकर नहीं माना जाता है। (early signs of pregnancy discharge)

कच्चे मीट का सेवन नहीं

प्रेग्नेंसी में सुबह के नाश्ते में कच्चा मीट और अंडे का सेवन नहीं करना चाहिए। आज के दौर में रेट मीट और मछली खाने का चलन है। ज्यादातर लोगों को यह पसंद भी आता है। पर प्रेग्नेंसी में सुबह खाली पेट इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हितकर नहीं हो सकता है। यह भी ध्यान रखना चाहिए। मीट को पकाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। पर यदि आप इसका सेवन सुबह के बजाए दोपहर के समय करते हैं तो यह ज्यादा बेहतर माना जाता है। (70 early signs of pregnancy)

नारियल पानी क्यों है जरूरी?

प्रेग्नेंसी के दरम्यान नारियल पानी का उपयोग किया जा सकता है। यह शरी में जरूरी फोलेट की पूर्ति कर सकता है। उसके लिए यह एक अच्छा विकल्प माना जाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को स्वस्थ रखने में इलेक्ट्रोलाइट भी मददगार साबित होते हैं। नारियल पानी में पोटैशियम, सोडिएम के साथ इलेक्ट्रोलाइट जैसे तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को नारियल पानी पीने की सलाह दी जाती है। (early signs of pregnancy before missed period)

विटामिन डी का प्राकृतिक स्रोत है पनीर (pregnancy diet in hindi) 

गर्भ में पल रहे बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास में पोषक तत्वों की अहम भूमिका होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक विटामिन डी भूण के विकास में सहायक होता है। यह शारीरिक और मानसिक दोनों स्तर पर भ्रूण के विकास में योगदान देता है। गर्भवती महिलाएं विटामिन डी की पूर्ति के लिए पनीर का सेवन कर सकती हैं। यह विटामिन डी का एक अच्छा स्रोत माना जाता है। यह बच्चों को बुद्धिमान बनाने में भी मददगार होता है। ऐसा कहा जाता है कि एक प्रेग्नेंट महिला को रोज विटामिन डी की 600 माइक्रोगाम जरूरत होती है। (white discharge before period sign of pregnancy)

हरी पत्तेदार सब्जियां शिशु को जोखिम से बचाती हैं

गर्भवती महिलाओं के भोजन के रूटीन में हरी पत्तेदार सब्जियों को जगह देने की सलाह दी जाती है। गर्भ में पल रहे शिशु की कोशिकाओं के विकास में इनका अहम योगदान होता है, क्योंकि इनमें फोलिक एसिड पाया जाता है। यह शिशु के मस्तिष्क और रीढ की हडडी को जोखिम से बचाता है। हरी पत्तेदार सब्जियों में कई विटामिन भी पाए जाते हैं। शिशु को मानसिक तौर पर मजबूत रखने के लिए हरी सब्जियों का सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है। (4 weeks pregnant symptoms)

घी का सेवन भी जरूरी

यदि गर्भावस्था के दौरान घी का सेवन सीमित मात्रा में किया जाए तो यह गर्भ में पल रहे शिशु को लाभ पहुंचा सकता है। बुजुर्ग कहते हैं कि घी हमारी मानसिक शक्ति को बढाता है। यह गर्भस्थ शिशु को पोषित भी करता है। (5 weeks pregnant symptoms)

कुछ अन्य जरूरी बातें, जो आपके लिए जानना है जरूरी (pregnancy symptoms week by week)

-स्वस्थ शिशु का जन्म हो इसके लिए हमेशा ताजा भोजन का ही सेवन करें।

-रसायनों से युक्त खादय पदार्थों के सेवन से बचें।

-धूम्रपान या एल्कोहल आदि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यह जच्चा और बच्चा दोनों को नुकसान पहुंचाता है।

-अधपके या कच्चे मांस के सेवन से इंफेक्शन का खतरा रहता है।

-सब्जी और फलों को खाने से फले आधे घंटे साफ पानी में भिगोएं और यदि संभव हो तो उसमें सेंधा नमक डाल दें। उसके बाद उसे अच्छे से धोएं।

-फलों को सलाद के तौर पर भी भोजन में शामिल किया जा सकता है।

-गर्भावस्था के दौरान अपन आस पास साफ व सफाई का विशेष ख्याल रखें।

-रोज जरूर टहले। इससे शरीर में ब्लड का सर्कुलेशन अच्छा रहता है।

-भोजन, काम और व्यायाम के बीच संतुलन बनाएं।

-अपनी दिनचर्या बनाएं और उसी अनुसार कार्य करें।

-खाने के लिए बाकायदा एक मीनू बनाएं और उसका पालन करें।

यह भी ध्यान रखें (gestational diabetes symptoms)

-पीरिएड शुरू होने के समय को रिकार्ड में रखें। इसका भी ध्यान रखें कि कब तक आपको रक्तस्राव होता है। यह आपके लिए यह पता लगाने में सहायक होगा कि कब आपके गर्भधारण करने की संभावना है।

-यदि आप वाकई में गर्भधारण करना चाहती हैं तो पहले आप गर्भनिरोधक चीजों को इस्तेमाल बंद कर दें।

-यदि आप गर्भनिरोधक गोलियां ले रही हैं तो आपके चक्रों को सामान्य स्थिति में आने में थोड़ा समय लग सकता है।

-डिलीवरी के पहले ही विटामिंस जरूर लें। यदि आप कोई भी दवा का प्रयोग करने जा रहें तो अपने डाक्टर से इस बारे में सलाह जरूर लें।

रिफरेंस:— NCBI (headaches during pregnancy)

डिस्कलेमर:—हमारा उददेश्य गर्भवती महिलाओं को उनके खान पान के लिए जरूरी अवेयरनेस उपलब्ध कराना है। आप अपने खान पान के संबंध में डाक्टरी सलाह जरूर लें। अलग अलग लोगों पर अलग अलग चीजों का प्रभाव अलग होता है। फिर भी आपको धूम्रपान और एल्कोहल लेने से बचें। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है और किसी भी स्थिति में जच्चा और बच्चा के स्वास्थय के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है। प्रेग्नेंसी के समय आप योग और मेडिटेशन को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बना सकती हैं। इसके लिए किसी प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक से सम्पर्क करके ही आगे बढें।

Pregnancy Symptoms: क्या होते हैं प्रेग्नेंसी के पहले महीने के शुरूआती लक्षण ?

In pregnancy Diet Chart
Pic Credit: NHM