हर्षोल्लास के साथ मनाई जाने वाली होली अबकी लगी फीकी

हर्षोल्लास के साथ मनाई जाने वाली होली अबकी लगी फीकी

लखनऊ (अजय कुमार वर्मा)। जिस हर्षोल्लास के साथ यह रंगो का त्यौहार, लोग प्रेम सौहार्दपूर्ण और उत्सव की तरह मनाते थे, अब सिर्फ औपचारिक रूप से मनाया जाने वाला त्यौहार बन गया है। ना तो वह पहले वाली उमंग है, और ना ही वह तरंग है। इन सब के पीछे क्या कारण है, क्यों यह त्यौहार औपचारिक बनकर रह गया है। इसका मंथन किया जाना नित्यांत आवश्यक है। ऐसे में एक शेर याद आ गया-

ताजा महंगाई से यह हाथ जले लगते हैं ।
अब तीज और त्यौहार कैलेंडर पर ही भले लगते हैं।।

आज ऑल इंडिया न्यूज़ पेपर एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक मनोज भाई जी के आवास पर होली मिलन कार्यक्रम में आईना परिवार के कई सदस्य शामिल हुए और सौहार्दपूर्ण वातावरण में एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाते हुए होली की बधाइयां दी गई ।

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वहां पर कई वरिष्ठ पत्रकार साथियों से भी मिलकर मन हर्षित हुआ ऐसा लगा कि अभी हमारी कुछ संस्कृति बची हुई है। हमारे आईना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर मोहम्मद कामरान जी का जवाब नहीं वह इंसानियत के साथ-साथ सभी मजहबों में आस्था रखने वाले सरल व्यक्तित्व की पराकाष्ठा हैं। इस बार की होली पर भी महंगाई की मार देखने को मिली।अंतर्द्वंद और कशमकश से मना यह रंगों का त्योहार।

वैसे तो अगर देखा जाए तो ना चाहते हुए भी इस भाईचारे, प्रेम, एकता, सौहार्द, समरसता , हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाई जाने वाली होलिकात्सव पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। लेकिन सच्चाई तो यह है कि, जो हंसी खुशी लोगों के चेहरे पर दिख रही थी, उनके पीछे एक अंतर्द्वंद के साथ-साथ बड़ा दर्द भी था। कारण था बढ़ती हुई महंगाई जो जनमानस में अपनों से दूर करते हुए सीमाएं निर्धारित करती जा रही हैं। महंगाई की तो यह हालत है कि मध्यम वर्गीय लोगों की कमर ही टूट गई है। परिवार के लिए राशन पानी मुहैया कराना और बच्चों की खुशियां, परिवार के तमाम खर्चों को उठा पाना इस दौर में कठिन हो रहा है।

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फिर यह कैसा त्यौहार और कैसा उल्हास, जो ऐसे तंग हालातों में बेमानी सा लगता है। इंसान को समाज में बने रहने के लिए लोगों के सामने बनावटी हंसी के आचरण से अपने दर्द को छुपाना पड़ता है। ऐसे हालात में सभी त्योहार अब एक औपचारिकता का रूप लेते जा रहे हैं। मित्रों मैंने भी होली सिर्फ और सिर्फ औपचारिक रूप से ही मनाई।

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फिर भी मैं अपने सभी साथियों मित्रों, पत्रकार भाइयों, शुभचिंतकों, इष्ट मित्रों, सहित छोटे और बड़े बुजुर्गों के लिए भगवान से यही प्रार्थना करता हूं, कि आप सभी का जीवन हंसी – खुशी, सुख – सौभाग्य, समृद्धि – प्रसिद्धि, वैभव – ऐश्वर्यता और सफलताओं से परिपूर्ण करते हुए भगवान आपके जीवन को गतिमान करें। रंगों के इस पावन पर्व होली की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं बधाई।