हे चंपत जी !! 50 करोड़ की भूमि कब्जियाने का आरोप

हे चंपत जी !! 50 करोड़ की भूमि कब्जियाने का आरोप

.ये क्या हो रहा है ! कोई तो है जो आपको पसंद नही करता और ये सारा षडयंत्र रच रहा है, वरना कहा आप और कहा भ्रष्टाचार। आप आराम से सोते रहिए। होगा कुछ नही क्योंकि अगर खुलासा हुआ तो कई बड़े सफेदपोश स्याह हो जाएंगे।

चम्पत राय पर नगीना बिजनौर में 50 करोड़ की भूमि कब्जियाने का आरोप सामने आया है। अलका लाहोटी नगीना बिजनौर की रहने वाली हैं और इस समय इंडोनेशिया में रहती हैं। नगीना में उनकी एक गौशाला, श्री कृष्ण गौशाला के नाम से थी, जिसकी भूमि चम्पत राय के घर परिवार वालों ने कब्जा कर के इसी नाम से एक डिग्री कॉलेज खोल दिया है। वे अपनी ज़मीन और गौशाला खाली कराने के लिये प्रयास कर रही है, पर चम्पत राय के दबाव में सरकार उनकी नहीं सुन रही है। रुहेलखंड यूनिवर्सिटी ने अलका लाहोटी के आरोपों को सही माना है।

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इस मामले को उठाया है, ब्रज फाउंडेशन, मथुरा के, Vineet Narain जी ने। उनकी पोस्ट पढ़े। उन्होंने इसकी सूचना आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ को भी दी है।

■प्रधान मंत्री मोदी जी, मुख्यमंत्री योगी जी, सर संघ चालक मोहन भागवत जी ध्यान दें !

श्री रामजन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के सचिव चम्पत राय जी ने अपने गृह नगर में धर्मार्थ श्री कृष्ण गौशाला की 20 हज़ार मीटर ज़मीन (क़ीमत लगभग ₹ 50 करोड़) पर अपने भाईयों से क़ब्ज़ा करवाकर, उस पर अवैध डिग्री कॉलेज बनवाया और उसे विश्वविद्यालय से मान्यता दिलवाई : गौशाला की मालिक अप्रवासी भारतीय महिला इंडोनेशिया से आकर संघर्ष कर रही है पर प्रशासन चम्पत राय जी के दबाव में उनकी कोई मदद नहीं कर रहा – ऐसा उन्होंने फ़ोन पर बताया।

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इंडोनेशिया में रहने वाली श्रीमती अलका लहोटी के पिताजी ने गौसेवा की भावना से श्री कृष्ण गौशाला की स्थापना सन पचास के दशक में की थी। ये गौशाला पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उपनगर नगीना (बिजनौर) के मध्य में स्थित है। जो आजकल राममंदिर भूमि ख़रीद विवाद में चर्चित चम्पत राय जी का भी गृह नगर है। श्रीमती लाहोटी के पति इंडोनेशिया से नियमित पैसे भेजकर यहाँ 150 गायों की सेवा कर रहे हैं।

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इन्हें विदेश में बसा जानकर श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सचिव चम्पत राय जी के भाई बंधुओं ने इस गौशाला की 20 हज़ार मीटर ज़मीन पर अवैध क़ब्ज़ा कर लिया और एक डिग्री कालेज की स्थापना कर दी। लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से उस का नाम भी श्री कृष्ण डिग्री कॉलेज रख दिया। इस कॉलेज को बनवाने में उनके कुटुम्बियों ने चंपत राय जी के प्रभाव का खुल कर दबंगाई से प्रयोग किया। इस कॉलेज को विश्वविद्यालय से मान्यता दिलाने में भी चंपत राय जी की सक्रिय भूमिका रही।

तब अलका लाहोटी भागकर इंडोनेशिया से आयीं और अपने परिवार की धर्मार्थ गौशाला को इन भूमफ़ियाओं के क़ब्ज़े से मुक्त कराने के लिए 2018 से हर स्तर पर लगातार संघर्ष कर रही हैं। इस पूरे कांड की सारी जानकारी संघ परिवार, भाजपा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा जी सहित भी महत्वपूर्ण लोगों को है।

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ज़िला प्रशासन की जाँच में और इस कॉलेज को मान्यता देने वाले महात्मा ज्योतिबा फुले रोहेलखंड विश्विद्यालय (बरेली) की जाँच रिपोर्ट में ये अवैध क़ब्ज़ा सिद्द हो चुका है। पर चपत राय जी के राजनैतिक दबदबे के सामने सब चुप हैं। जैसे The Braj Foundation (वृंदावन) पर संघ के ही डा. कृष्ण गोपाल के नेतृत्व में हुए हमलों की सच्चाई जानकर भी ये सब लोग चार बरस से चुप्पी साधे हैं और जिसकी वजह से धाम सेवा के नाम पर डा. कृष्ण गोपाल के मोहरों द्वारा मथुरा की लूट और बर्बादी जारी है। जिसके अनेकों प्रमाण सामने चुके हैं।

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श्रीमती लाहोटी ने मुझे फ़ोन पर बताया कि चम्पत राय जी से दशकों से उनके पारिवारिक सम्बन्धों के कारण उन्होंने इस विषय में चम्पत राय जी से बार-बार फ़रियाद की तो चम्पत राय जी ने कहा कि “ये भी (क़ब्ज़ा करने वाले) अपने परिवार के लोग हैं और मैं पहले इनकी मदद कर चुका हूँ इसलिए अब मै तुम्हारी कोई कोई मदद नहीं कर सकता”।

श्रीमती लाहौटी ने मुझे लगभग 50 दस्तावेज भेजे हैं, जिन्हें पढ़कर ही सारा घोटाला साफ़ सिद्ध हो जाता है। आगे जाँच की भी ज़रूरत नहीं है। जो प्रशासनिक स्तर पर हो चुकी है।

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हिंदू समाज को सोचने वाले बात ये है कि गौसेवा का इतना ढोल पीटने वाली सरकार में गौशालाओं की ज़मीनों पर इस तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उच्च पदाधिकारियों द्वारा अपने परिवारजनों को सामने करके हर जगह क़ब्ज़े क्यों किए जा रहे हैं ? यही हाल गत चार वर्षों में मथुरा ज़िले की गौशालाओं का भी हुआ है। जिसकी जाँच हो तो हज़ारों करोड़ की ज़मीन के घोटाले सामने आएँगे।

यह एक अत्यंत शर्मनाक और गंभीर मामला है जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ परिवार से ही जुड़ी, गौसेवक, सभ्रांत व अप्रवासी महिला के साथ अगर ये हो रहा है तो आम लोगों की दशा का अनुमान ही लगाया जा सकता है।

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योगी जी को तुरंत कड़े कदम उठाकर श्री कृष्ण गौशाला, नगीना (बिजनौर) को अवैध क़ब्ज़े से मुक्त करवाना चाहिये। इस कांड के दोषियों और उनके संरक्षकों पर सख़्त से सख़्त क़ानूनी करवाई होनी चाहिये। वरना देश विदेश के गौसेवकों को बहुत पीड़ा होगी और योगी सरकार की छवि प्रवासी भारतीयों के बीच भी ख़राब होगी।

नीचे अलका लाहौटी का ट्वीट पढ़े जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी जी से मदद की गुहार लगाई है। पर दो बरस से उनकी वहाँ भी सुनवाई नहीं हुई । ये माजरा क्या है कि आत्ममुग्ध ‘राम राज्य’ में सनातन धर्मसेवी सच्चे लोगों को तो इस तरह प्रताड़ित किया जा रहा है और यशोदा मैया को भगवान श्री कृष्ण की प्रेयसी बताने वाले ढोंगियों को सदगुरु बताकर स्थापित किया जा रहा है ?

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इन चिंताजनक परिस्थितियों में हिंदू समाज को धृतराष्ट्र जैसा मोह त्याग कर सोचना होगा और मुखर होकर बोलना होगा क्योंकि इस रवैए से तो राष्ट्रीय स्वयमसेवक संघ हिंदू धर्म को गर्त में धकेल रहा है ? जिससे फिर निकलने मे दशकों निकाल जाएँगे।