महादेव के डमरू के आकार का बनेगा इस सरकारी कार्यालय का भवन, Chief Secretary UP ने भी देखा प्रेजेंटेशन

महादेव के डमरू के आकार का बनेगा इस सरकारी कार्यालय का भवन, Chief Secretary UP ने भी देखा प्रेजेंटेशन

लखनऊ/वाराणसी: सनातन धर्म की मान्यता है कि काशी के कण कण में महादेव बसते है। अब काशी की यही संस्कृति भवनों के दर्शन करने मात्र से समझ में आ सकेगी। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि अफसरों ने रविवार को चीफ सेक्रेटरी DS Mishra Ias (Chief Secretary UP) को एक प्रेजेंटशन दिया। जिसके मुताबिक वाराणसी के मंडलायुक्त कार्यालय को डमरू के आकार का निर्मित करने की योजना है।इसका निर्माण कमिश्ननरी कार्यालय परिसर में ही स्थित भूखंड पर होगा। जिसकी लागत 346.27 करोड़ आंकी गयी है।

पीपीपी माडल पर बनाने का अदभुत तरीका पर अटक रहा यह रोड़ा

कमिश्नर दीपक अग्रवाल के अनुसार इसे पीपीपी पैटर्न पर बनाया जाएगा। भवन में दो टावर होंगे। इसमें से एक टावर भवन बनाने वाली संस्था को 30 साल के लिए लीज पर दिया जाएगा। इस सिलसिले में टेंडर भी हो चुके हैं। वह भी दो-तीन बार हुए। पर इस निर्माण के लिए अब तक किसी ने रूचि नहीं ली है। कार्यदायी संस्थाओं का कहना है कि यदि लीज पर दिए जाने वाले टावर की अवधि 90 वर्ष कर दी जाए और दोनों टावरों के नीचे की जगह कामर्शियल एक्टिविटी के लिए दी जाए तो वह सहमत हो सकते हैं। फिलहाल चीफ सेक्रेटरी (Chief Secretary UP) ने कहा कि भारत सरकार के मान्यता प्राप्त आर्किटेक्ट संगठन से इस्टीमेट का फिर से मूल्यांकन कराया जाए और इसे स्मार्ट व ग्रीन बिल्डिंग बनाने पर जोर दिया जाए। कमिश्नर को उन्होने यह निर्देश दिए।

रेती पार अक्टूबर से मई तक क्रियाशील रह सकती है टेंट सिटी

काशी में पर्यटकों का आगमन बढा है। उस पार रेती पर टेंट सिटी बन रही है। यह पर्यटकों को लुभाएगा। अक्टूबर से फरवरी तक  टेंट सिटी रहेगी। यह दुनिया की सबसे बड़ी टेंट सिटी है। मुख्य सचिव ने कहा कि टेंट सिटी को फरवरी के बजाए मई तक क्रियाशील रखा जाए, क्योंकि सामान्यतः बरसात का सीजन 15 जून के बाद शुरू होता है, इसलिए इसे फरवरी की जगह मई तक किया जा सकता है। कैण्ट से गोदौलिया तक रोप-वे का निर्माण 14 जुलाई तक शुरू किया जाएगा।

Single Use Plastic Ban: यूपी में सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक के लिए और कड़ी शर्तें लागू करने की तैयारी