भाजपा का पसमांदा मुसलमानों पर फोकस, विपक्ष के लिए चिंता

भाजपा का पसमांदा मुसलमानों पर फोकस, विपक्ष के लिए चिंता

भाजपा देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में हिंदुत्व की राजनीति करने वाली दल के रूप में पहचानी जाती है। पर भाजपा की बीते दिनों हैदराबाद में हुई बैठक में पीएम नरेन्द्र मोदी ने जब सभी समुदायों के वंचितों की तरफ ध्यान देने पर जोर दिया तो विपक्षी खेमे की चिंताए बढ गईं। अब तक यही माना जात है कि मुस्लिम वर्ग भाजपा के पक्ष में वोट नहीं करता है। पर भाजपा के नयी रणनीति से तस्वीर बदल सकती है।

पसमांदा मुसलमानों की बात की जाए तो बीते चुनावों में बीजेपी को आठ फीसदी वोट इसी वर्ग ने दिया था, भाजपा नेता खुद यह तथ्य स्वीकारते हैं। यह तब हुआ, जब सपा विपक्षी दल के तौर पर मजबूती से चुनाव में भाजपा को टक्कर दे रही थी और ओबीसी व मुस्लिम वोटों को अपने पाले में करने की रणनीति बनाकर अखिलेश यादव मैदान में हुंकार भर रहे थे।

ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या पसमांदा समाज के मुस्लिमों का रूख भाजपा की तरफ हो गया है। राजनीतिक समीक्षक कहते हैं कि यदि यह हकीकत है तो विपक्षी दलों को उन्हें संभालना जरूरी है। खुद सपा नेता दबी जुबान में यह स्वीकारते हुए कहते हैं कि मोदी सरकार के द्वारा दी जा रही सुविधाएं और चलायी जा रही योजनाओं का लाभ जब गांवों में रहने वाले पसमांदा समाज के लोगों को मिल रहा है तो वह वोट अन्य दलों को क्यों देंगे?

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