आजम खां रिहा, शिवपाल मौजूद! अखिलेश की नदारद रही फ्लीट, किया ट्वीट..

आजम खां रिहा, शिवपाल मौजूद! अखिलेश की नदारद रही फ्लीट, किया ट्वीट..

हकूमत में कभी अपने नाम का जलवा बिखेरने वाले आजम खां को सुप्रीम कोर्ट की सुप्रीम दया से जमानत मिली, रिहाई में विलंब हुआ लेकिन बाहर आ गए। बड़ी उम्मीद रही होगी, हसरतों के न जाने कितने दिए जलाए होंगे सपा के इस कद्दावर नेता ने कि उनकी पार्टी के आला हाकिम इस समय मे उनके साथ मौजूद रहेंगे, लेकिन हुआ क्या फिर वही, दिखा क्या फिर वही। आजम को आज वो दिन जरूर याद आया होगा जब वो अखिलेश के हर कार्यक्रम में मजबूती से खड़े रहे, उम्र में बड़े होने के बावजूद अखिलेश के हर फैसले का इस्तेकबाल मुक्कमल किया।

सीतापुर जेल में बंद शिवपाल की कई बार तबियत खराब हुई, अस्पताल आये लेकिन भतीजे अखिलेश ने न जाने क्यो भौतिक दूरी बनाए रखी, ये हम नही बल्कि उन्ही की पार्टी के नेता और मीडिया की सुर्खियों का विश्लेषण कह रहा है। मिलने भी न पंहुचे अखिलेश, फिर सवालों की झड़ी मानो सपा के पोस्टर बैनर की तरह ही समाज मे दिखाई पड़ने लगी बड़े बड़े नेताओं का जेल पंहुचना हुआ, सियासत गरमा ग़यी, क्या प्रसपा क्या कांग्रेस तमाम बड़े नेताओं ने अपनी आमद दर्ज कराई।

इन सब के बीच भाजपा पर आरोप ठोंकने वाले अखिकेश दुहाई देते रहे, मुस्लिमो को जोड़े रखने के लिए बयानबाजी करते रहे लेकिन धरातलीय जिम्मेदारी से दूर रहे, सबसे बड़ी अधिवक्ता सभा होने के बावजूद आजम पर मुकद्दमे लगते गए लगते गए, चुनावी समर में अखिलेश को आजम याद जरूर आये मगर सिर्फ जरूरत की तरह, उसके बाद फिर वो लगन नदारद दिखी।

एकबारगी चुनाव हारने के बाद ऐसा लगा मानो अब अखिलेश धरातल पर मजबूती से दिखेंगे और आजम खां के लिए सड़क पर उतरेंगे लेकिन नही। बार बार बिकने वाले ट्विटर के सहारे अखिलेश अपनी राजनीति में मशगूल रहे आजम की रिहाई को लेकर कोई तैयारी नही की गई, लेकिन इन्ही सब के बीच शिवपाल अरे भाई अखिलेश के चाचा अरे माफ कीजियेगा उनके विद्यायक अरे गलती हुई प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बखूबी अपनी जिम्मेदारी निभाई, न सिर्फ जेल में आजम से मुलाकात की बल्कि रिहाई के दौरान सीतापुर जेल में सबसे बड़े चेहरे के रूप में मौजूद रहे।

सपा के लिए अपना जीवन दांव पर लगा दिए आजम को दुःख तो हुआ होगा, टीस तो कही न कही बाकी होगी। शिवपाल आजम के बीच क्या बाते हुई होंगी अखिलेश यही सोचने में मजबूर रहे होंगे, मंत्री के रसूख से एक कैदी की तरह बाहर निकले आजम की निगाहें न मालूम बड़ी बेताबी से क्या ढूंढ रही थी जो उन्हें न दिखने पर निराशा जरूर हुई होगी।

लेकिन अखिलेश कैसे उन्हें निराश कर सकते थे, इधर जमानत हुई उधर अखिलेश के ट्विटर हैंडल में लाग इन कर जब पासवर्ड इंटर किया जा रहा था उसी समय यह शिवपाल ने आजम के स्वागत को हैक कर लिया और एक जिम्मेदार मित्र, पार्टी नेता के रूप में आजम के सामने खड़े रहे, इधर अखिलेश के ब्रह्मास्त्र यानी कि एलन भैया वाले ट्विटर पर 60 वर्ल्ड प्रति मिनट की रफ्तार से संदेश टाइप किया जाने लगा और उसमे भी बड़ी बात यह है कि पोस्ट ट्रिगर यानी पब्लिश अखिलेश द्वारा नही बल्कि सोशल मीडिया टीम द्वारा किया गया होगा।

सवाल लाजमी है, जवाब हराम है। आजम पर सियासत भाजपा ने की या सपा ने, सपा हर कदम पर सिर्फ आजम के राजनीतिक कद को देखती रही उनके व्यक्तिगत जीवन को नही। बहरहाल अब आजम बाहर है शिवपाल साथ है, भतीजे को न मालूम यह कितना रास आ रहा होगा, लेकिन राजनीतिक गलियारों में शोर बहुत है कि आजम और शिवपाल का ये मिलन सपा के लिए अमंगल तो नही, बाकी आजम खां को मंगल कामनाएं