सच को सच अब बताने लगे हैं

Rajesh Singh Yadav [BADAL]

 

 

 

 

 

सच को सच अब बताने लगे हैं
शहर वाले भी गांव जाने लगे हैं

सदा हँसते रहे जो मेरे गांव पर
बैठे मिले वो पीपल की छांव पर

बसने वाले थे शहर जो सदा के लिये
कहते रहे गांव जाना है खुदा के लिये

बड़ी शांति है आज इन फिज़ाओ में
कितनी मस्ती है स्वछंद हवाओं में

सियासत के जुमले भी हटने लगे हैं
तन से दूर मन से सब सटने लगे हैं

बात करता नहीं कोई सियासत की
सबको पड़ी है अपनी हिफाज़त की

धन्य हो कोरोना ये कर दिखाया है तूने
आज इंसान को इंसान बनाया है तूने
__बादल