योगी को उच्च सदन में बहुमत का इंतजार

निश्चित तौर पर उत्तर प्रदेश में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। विधानसभा में बहुमत हासिल कर चुकी भाजपा विधान परिषद में दूसरे स्थान पर है। विधानपरिषद में संख्या बल बढ़ाने के लिए आगामी विधान परिषद की छह शिक्षक एवं पाॅच स्नातक सीटों के लिए चुनाव होना है। इस चुनाव में भाजपा भी बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रही है। भाजपा ने इस बार इन सीटों को जीतने के लिए बूथ स्तर पर तैयारी की है। इसके बावजूद अगर भाजपा प्रस्तावित शिक्षक चुनाव में शिक्षक एवं स्नातक की 11 में दस सीटे मिल भी जाती है तो उसे अभी बहुमत के लिए लम्बा इंतजार करना पड़ेगा। भाजपा का यह इंतजार 2022 में खत्म होगा और यह माना जा रहा है कि अप्रैल में भाजपा उच्च सदन में पूर्ण बहुमत हासिल के लिए संघर्ष करेगी। इसके बावजूद यह कहना गलत नही होगा कि अभी योगी सरकार को 2022 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर पूर्ण बहुमत की सरकार बनानी पड़ेगी तभी उच्च सदन में भाजपा बहुमत में आ पाएगी। बहरहाल प्रदेश के महामंत्री संगठन सुनील बंसल द्वारा 13 अगस्त 19 को शिक्षक स्नातक चुनाव में अपने प्रत्याशीउतारने के संकेत दे चुके थे। उसके बाद से सक्रिय हुई पार्टी ने अब स्नातक मतदाता पंजीकरण शिविर लगाकर वोटर बनाने की गति तेज कर दी है। लगभग हर स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बूथ स्तर से लेकर विधानसभा स्तर पर वोटर पंजीकरण का अभियान तेजी से चल रहा है। इन पंजीकरणों की निगरानी क्षेत्रीय पार्टी के सांसद, विधायक एवं जिलाध्यक्ष स्तर पर किया जा रहा है। भाजपा ने इन 11 सीटों क्रमश: शिक्षक सीट बरेली मुरादाबाद, लखनऊ,गोरखपुर -’फैजाबाद, वाराणसी, मेरठ, आगरा और स्नातक सीट क्रमशः लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद-झाॅसी, आगरा और मेरठ में मतदाता पंजीकरण अभियान तेज कर दिया है।

ज्ञात हो कि उच्च सदन में सत्तारूढ़ भाजपा दूसरे नम्बर पर है। फिलहाल उच्च सदन की सौ सीटे है। इनमें से सपा 56 सीटों पर काबिज है। दूसरे स्थान पर 21 सीटों के साथ भाजप है। जबकि आठ पर बसपा और दो पर कांॅग्रेस थी लेकिन विधान परिषद सदस्य दिनेश सिंह के भाजपा में शामिल होने के बाद उसकी एक सीट दीपक सिंह की बची है। ऐसे में भाजपा 21 का आॅकड़ा पार कर हर हर में 30 होना चाह रही है। ज्ञात हो कि विधान परिषद की शिक्षक व स्नातक क्षेत्र के चुनाव की तैयारी भाजपा ने दो माह पहले ही शुरू कर दी थी। भाजपा की तरफ से फिलहाल लखनऊ स्नातक सीट से अवनीश सिंह पटेल, वाराणसी से मौजूद एमएलसी केदारनाथ सिंह, इलाहाबाद स्नातक से यज्ञदत्त शर्मा, मेरठ स्नातक से दिनेश गोयल, मेरठ शिक्षक से श्रीचन्द्र शर्मा, आगरा स्नातक से मानवेन्द्र सिंह और आगरा शिक्षक से दिनेश वशिष्ठ सहित बरेली मुरादाबाद से हरिसिंह ढिल्लों को मैदान में उतारा है। चुनाव आयोग ने स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची तैयार करने का कार्यक्रम चुका है। स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से 2014 में चुने गए विधान परिषद के 11 सदस्यों का कार्यकाल अगले वर्ष मार्च में पूरा हो रहा है। स्नातक व शिक्षक क्षेत्र की मतदाता सूची तैयार करने का काम एक अक्टूबर से शुरू हो चुका है जो छह नवम्बर तक चलेगा। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन इसी वर्ष 30 दिसम्बर को किया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उत्तर प्रदेश स्नातक एवं शिक्षक क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव में शिरकत कर भाजपा ने इस चुनाव के लिए बनाए गए जिला संयोजकों चुनाव जीतने के टिप्स दिये है।

चुनाव अभियान के लिए प्रदेश महामंत्री अशोक कटारिया, संयोजक एवं प्रदेश महामंत्री नीलिमा कटियार तथा प्रदेश मंत्री अमर पाल मौर्य सह संयोजक सीधे इस चुनाव की समीक्षा कर रहे है। पार्टी के जिन पदाधिकारियों को फॉर्म को इकट्ठा करने की जिम्मेदारियां मंडल स्तर पर दी गई है उनकी समीक्षा पार्टी कार्यालय पर करेगी और उसके बाद उन्हें जमा कराए जाएगें। भाजपा ने इन ग्यारह शिक्षक स्नातक सीटों पर अपनी पार्टी द्वारा बनाए गए मतदाता पंजीकरण शिविरों पर प्रतिदिन होने वाले पंजीकरण का ब्यौरा स्थानीय विधायक तथा चुनाव अभियान के संयोजक तक उपलब्ध कराने का निर्देश दे रखा है। कुल मिलाकर जिस तरह से भाजपा मतदाता पंजीकरण के लिए जी-जान एक किए हुए है उससे इस बाॅत का अनुमान लगाया जा रहा है कि वह इन 11 सीटों के लिए बड़ा संघर्ष करेगी। इधर योगी सरकार को विधान परिषद में अपनी संख्या बढ़ाने का मौका जनवरी में रिक्त हो रही सपा के विधान परिषद सदस्य अहमद हसन, रमेश यादव, आशुमालिक, रामजतन, साहब सिंह का जनवरी 21 एवं श्रीराम यादव, श्रीमती लीलावती कुशवाहा, रामवृक्ष सिंह, जीतेन्द्र सिंह यादव का कार्यकाल 21 जुलाई को मिलेगा। लेकिन इसके बावजूद उसे पूर्ण बहुमत के लिए मार्च 22 का इंतजार करना पड़ेगा। । भाजपा को पूर्ण बहुमत का मौका मार्च 22 में मिलेगा क्योकि मार्च में सपा के अरविन्द यादव, अमित यादव, अक्षय प्रताप सिंह, आनंद भदौरिया,उदयवीर सिंह, धनश्याम सिंह यादव, डा. दिलीप सिंह, शंशाक यादव, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, हीरालाल यादव, राकेश यादव, दिलीप सिंह यादव कल्लू श्रीमती रमा निरंजन, मो. इमलाक, संतोष यादव सन्नी, परवेज अली, महफूज रहमान, रामअवध यादव, श्रीमती रामलली, सहित लगभग 29 विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल खत्म होगा। क्योकि विधान परिषद उत्तर प्रदेश की सौ सीटों का बॅटवारा चार वर्ग में है जैसे राज्यपाल से मनोनीत सदस्य संख्या 12 तो शिक्षक और स्नातक विधायक की संख्या 12-12 है। विधायको से चुने जाने वाले सदस्य 32 और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों से चुने जाने वाले सदस्य भी 32 है। ऐसे में अगर 2022 में भाजपा सरकार बनाती है तो उत्तर प्रदेश के उच्च सदन में भाजपा का बहुमत तय है। -प्रेम शर्मा